अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
जीपीएस सिस्टम युक्त टोटल सब स्टेशन मशीन से शुक्रवार से शुरू हुई वेस्ट जुआं ड्रेन की पैमाइश अगले दो-तीन दिनों में पूरी हो जाएगी। इसके बाद पैमाइश संबंधी रिकार्ड संबंधित विभाग को सौंप दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्य पूरा होने के बाद तोड़फोड़ की कार्रवाई शुरू होगी और यह कार्रवाई दोबारा से पावर हाउस चौक के पास से ही शुरू की जाएगी। प्रशासन की तैयारी से उन लोगों में हड़कंप मचा हुआ है जिनके निर्माण अवैध निर्माणों की श्रेणी में हैं।
ड्रेन की जगह की पैमाइश का कार्य कई अधिकारियों की मौजूदगी में किया जा रहा है। अबकी बार पैमाइश जीपीएस सिस्टम युक्त टोटल सब स्टेशन मशीन से कराई जा रही है। ड्रेन की जमीन पर करीब 350 अवैध कब्जे हैं। मशीन की पैमाइश में पूरी स्थिति शीशे की तरह साफ हो जाएगी। इस पैमाइश में सरकारी जमीन पर जहां तक भी लोगों ने कब्जा किया होगा, वहीं तक पूरी तरह तोड़ा जाएगा।
पारदर्र्शिता चाहते हैं लोग
दरअसल, ड्रेन की पैमाइश पिछले दिनों मैनुअल तरीके से की गई थी। जिसमें नगर परिषद और प्रशासनिक अधिकारियों पर किसी की प्रॉपर्टी अधिक तो किसी की प्रॉपर्टी को कम तोड़ने के आरोप लग रहे थे। इसी स्थिति को साफ करने के लिए अब दोबारा से नगर परिषद की ओर से जीपीएस सिस्टम से पैमाइश कराई जा रही है। इससे आम लोग संतुष्ट नजर आ रहे हैं।
इस बार नहीं बचेगा कोई सिफारिशी
नगर परिषद अधिकारियों की मानें तो जीपीएस मशीन से ड्रेन की पैमाइश में पारदर्शिता रहेगी। किसी के कम या किसी के ज्यादा कब्जे की तोड़फोड़ नहीं होगी। जो भी मशीन की पैमाइश में आएगा, उसी हिसाब से तोड़फोड़ कार्रवाई की जाएगी। कोई सिफारिशी भी होगा तो भी उसके कब्जे को नहीं छोड़ा जाएगा, उसे तुरंत तोड़ा जाएगा। मशीन की पैमाइश में स्थिति शीशे की तरह साफ होगी। शनिवार तक पैमाइश का 40 प्रतिशत काम पूरा हो गया है।
दूसरे दिन भी मौजूद रही पुलिस
ड्रेन की पैमाइश शुरू होने के दूसरे दिन भी पैमाइश करने वालों की सुरक्षा के लिए पुलिस मौजूद रही। प्रशासन की तरफ से पुलिस को इसलिए तैनात किया गया है कि कोई हंगामा न हो और शांति से पैमाइश का कार्य निपट जाए। जब तक ड्रेन की पैमाइश पूरी नहीं हो जाती, तब तक पुलिस यहां मौजूद रहेगी।
दशकों तक बरती सरकारी संपत्ति
अवैध कब्जे टूटने के डर से कब्जाधारियों में हड़कंप मचा हुआ है। वे प्रशासन को पानी पी-पीकर कोस रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता नरेश ने कहा कि ये लोग सरकारी ड्रेन की जमीन को दशकों से मुफ्त में इस्तेमाल कर रहे हैं। अब इन लोगों को खुद ही सरकारी जमीन खाली कर देनी चाहिए।
मुख्यमंत्री से की अवैध निर्माण हटाने की मांग
नई बस्ती निवासी यशपाल ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर वेस्ट जुआं ड्रेन के दोनों तरफ हुए अवैध कब्जों को निष्पक्षता से हटवाने की मांग की है, ताकि इस ड्रेन के दोनों तरफ सड़क बनाने का कार्य सफल हो सके। उन्होंने सीएम ग्रिवेन्सिज एंड मानीटरिंग सिस्टम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजे पत्र में कहा है कि ड्रेन पर विकास कार्य करने की योजना सराहनीय है। लेकिन इस विकास के लिए अवैध कब्जे हटाने में पक्षपात किया जा रहा है। यशपाल ने कहा कि एक पूर्व नगर पार्षद द्वारा किए गए अवैध निर्माण को स्थानीय प्रशासन के अधिकारी बचाने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि यह नेता मौका देखकर दल बदलता रहा है और उसके अवैध कब्जे के खिलाफ बोलने वालों को अपने एक आईएएस अधिकारी दोस्त का नाम लेकर धौंस दिखाता है। जबकि ये अवैध कब्जे हटे बिना ड्रेन के दोनों तरफ सड़क बनाने की सरकार की योजना सफल नहीं हो सकती। इसलिए इन अवैध कब्जों को भी तुरंत हटाया जाए।
क्या कहते हैं अधिकारी
तहसीलदार नरेंद्र दलाल ने बताया कि पैमाइश का लगभग 40 से 50 प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। अगले दो-तीन दिनों में सारा कार्य पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद पैमाइश का रिकार्ड संबंधित विभाग को सौंपा जाएगा और अवैध कब्जे हटाने की कार्रवाई भी जल्द शुरू कर दी जाएगी।
नगर अभियंता ने की लोगों से अपील
नगर परिषद के एमई ओमदत्त शर्मा ने ड्रेन के दोनों तरफ बने मकानों, दुकानों के मालिकों से आह्वान किया है कि वे अपनी मौजूदगी में पैमाइश करवाएं ताकि आगे चलकर किसी तरह की कोई परेशानी का सामना न करना पड़े। पैमाइश पूरी होने के बाद अवैध कब्जों को तोड़ने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।
- पैमाइश के बाद पावर हाउस चौक से ही तोडे़ जाएंगे अवैध कब्जे
- दो दिनों में सांखोल से रेलवे रोड तक हुई ड्रेन की पैमाइश
- कई अधिकारियों की मौजूदगी में हो रहा है कार्य