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सब इंस्पेक्टर बनकर कर रहा था ठगी, सिटी थाने के बाहर पकड़ा गया

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अमर उजाला ब्यूरो
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बहादुरगढ़। हरियाणा पुलिस का सब इंस्पेक्टर बनकर एक व्यक्ति से ठगी कर रहा शातिर सिटी थाने के बाहर पुलिस के हत्थे चढ़ गया। आरोपी के पास से पुलिस ने सब इंस्पेक्टर की वर्दी, फर्जी आई कार्ड, नंबर प्लेट व एक कार बरामद की है। आरोपी को पूछताछ के लिए एक दिन के रिमांड पर लिया गया है। दरअसल, रोहतक जिले के गढ़ी बलम निवासी संदीप ने कुछ महीने पहले एक कार फाइनेंस कराई थी। यह कार कुछ समय बाद उसने अपने दोस्त को दे दी। फिर चोरी के एक मामले में उसका दोस्त जेल में चला गया। गाड़ी की किश्त प्रभावित हुईं तो बैंक ने संदीप को नोटिस भेज दिया। इसके बाद उसने अपने दोस्त के परिजनों से गाड़ी के संबंध में बात की तो पता चला कि गाड़ी बहादुरगढ़ के लाइनपार क्षेत्र निवासी धर्मेंद्र के पास है। फिर उसने धर्मेंद्र से संपर्क किया। तीन दिन पहले ही धर्मेंद्र ने संदीप को बहादुरगढ़ सदर थाने के पास बुलाया। संदीप वहां पहुंचा तो धर्मेंद्र पुलिस की वर्दी में था। धर्मेंद्र ने संदीप को बताया कि यह कार उसने एक लाख में खरीदी है। एक लाख रुपये दे दो और अपनी गाड़ी ले लो। पुलिस की धौंस दिखाकर वह संदीप को डराने-धमकाने लगा। पुलिस वाला समझकर संदीप ने उसे 70 हजार रुपये दे दिए। इसके बावजूद धर्मेंद्र ने गाड़ी नहीं दी और बोला कि शेष राशि देने के बाद गाड़ी ले जाना। इसके बाद सोमवार की शाम संदीप बाकी रुपये लेकर बहादुरगढ़ आया। उसने धर्मेंद्र को सिटी थाने के पास बुलाया। संदीप थाने के पास आया तो जरूर लेकिन इस बार वर्दी उसके बदन पर नहीं बल्कि गाड़ी में टंगी थी। संदीप को धर्मेेंद्र के पुलिस होने पर शक था, इसलिए उसने पुलिस को अवगत करवा दिया था। जब बातचीत कर रहे थे तो इसी दौरान एएसआई अश्विनी की टीम ने उसे दबोच लिया।

सब इंस्पेक्टर धर्मेंद्र मलिक बनकर घूम रहा था शातिर
पुलिस ने गाड़ी में टंगी वर्दी चेक की तो वह सब इंस्पेक्टर रैंक की थी। वर्दी पर धर्मेंद्र मलिक नाम से नेम प्लेट थी। एक फर्जी आई कार्ड भी बरामद किया। इसके अलावा जो गाड़ी मौके पर से बरामद की गई, उसकी नंबर प्लेट भी बदली हुई थी। पुलिस ने आरोपी से ठगी के 70 हजार रुपये भी बरामद कर लिए हैं।
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टोल भी बचाता था
प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि धर्मेंद्र काफी दिनों से सब इंस्पेक्टर बनकर रौब जमा रहा था। वह फर्जी आई कार्ड और वर्दी के जरिये टोल से बचने समेत कई तरह के रौब जमा रहा था। फिलहाल वह फाइनेंस की गाड़ी हथियाकर उसे लौटाने के नाम पर एक लाख रुपये ऐंठने की कोशिश में था। वह गाड़ी की कई फर्जी नंबर प्लेट भी साथ लेकर घूम रहा था। इसके अलावा भी उसने कोई धोखाधड़ी की है या नहीं, इसका पूछताछ के बाद ही पता चलेगा। लाइन पार निवासी धर्मेंद्र पहले फरीदाबाद में ओपन की परीक्षा सेंटर लेता था। उसकी पहली पत्नी हरियाणा पुलिस में थी। तलाक होने के बाद उसने दूसरी शादी कर ली। पहली पत्नी के साथ रहते हुए वह पुलिस की गतिविधियों से परिचित था। वर्दी की आड़ में ही रौब दिखाता था। दोनों बार थाने के पास वह इसलिए आया, ताकि संदीप को उस पर शक न हो।
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पूछताछ के लिए आरोपी को रिमांड पर लिया गया है। गाड़ी उसके पास कैसे आई, पुलिस की वर्दी कहां से लाया और अब तक कितनी वारदात की, इन सभी का खुलासा पूछताछ पूरी होने के बाद किया जाएगा।
तेलूराम, एसएचओ, शहर थाना, बहादुरगढ़
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