इस स्कूल में खोली गई है आंगनबाड़ी।
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आंगनबाड़ी केेंद्रों को सरकार की और से जहां प्ले स्कूलों में बदलने की प्रक्रिया की जा रही है। वहीं आंगनबाड़ी केंद्रों के भवनों को लेकर विभाग का सोचना आवश्यक बनता है। जिले में आंगनबाड़ियों की कुल संख्या करीब 1130 है, लेकिन महिला एंव बाल विकास विभाग के पास अभी 671 आंगनबाड़ी केेंद्र के अपने भवन नहीं हैं। जिसके कारण प्ले स्कूलों को चलाने के लिए विभाग को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं विभाग की और से करीब 62 नए भवनों में से पचास भवनों को मनरेगा कार्यक्रम के तहत बनाया जाना सुनिश्चित किया गया है। विभाग की और से सामुदायिक भवनों, चौपालों के अलावा अन्य भवनों में करीब 413 आंगनबाड़ी केंद्रों को चलाया जा रहा है। महिला एंव बाल विकास विभाग के अंतर्गत चलने वाले आंगनबाड़ी केंद्रों को जिला के 107 प्राइमरी विद्यालयों के कमरों में चलाया जा रहा है जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। वहीं विभाग के पास जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों की संख्या 459 के करीब है लेकिन बच्चों की संख्या को देखते हुए आंगनबाड़ी के अपने भवन होने चाहिए। सरकार की ओर से जिले में करीब 129 आंगनबाड़ी केंद्रों को मासिक किराए पर लेकर चलाया जा रहा है। बहादुरगढ़ क्षेत्र में करीब 97 आंगनबाड़ी केंद्रों को व 32 आंगनबाड़ी झज्जर में भवनों को किराए पर लेकर चलाया जा रहा है ताकि गर्भवती महिलाओं व नौनिहालों को टीकाकरण, पोलियों की खुराक, पोषण की जानकारियां दी जा सके। आंगनबाड़ी केंद्रों के पास अपने भवन न होने से बच्चों व वर्कर्स को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
कुछ आंगनबाड़ी के भवनों के निर्माण को लेकर टेंडर जारी किए गए हैं। जल्द ही महिला एवं बाल विकास विभाग के पास अपने भवन होंगे। जिसमें बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए वर्कर्स की और से काम किया जाएगा। - नीना खत्री, जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, झज्जर।