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स्पेशलिस्ट न होने पर सिविल अस्पताल से सांसद के सामने रेफर किए दो मरीज, सीएमओ से बोले-चिकित्सक न देने पर सरकार की करूंगा बुराई

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अमर उजाला ब्यूरो
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चरखी दादरी। जिला अस्पताल के निरीक्षण पर आए सांसद ने दो घायलों को रेफर करने का कारण पूछा तो डॉक्टर ने विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी को कारण बताया। विजिलेंस एवं मॉनीटरिंग कमेटी की बैठक के बाद जिला अस्पताल पहुंचे धर्मवीर सिंह को सीएमओ विरेंद्र यादव ने बताया कि डॉक्टरों की कमी के कारण मरीजों को दूसरे अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। इस पर सांसद ने कहा कि व्यवस्थाएं बनाने के लिए सीएमओ साहब आपकी प्रशंसा करूंगा जबकि चिकित्सक न भेज पाने पर सरकार की बुराई करूंगा। उन्होंने महज 15 मिनट ही सिविल अस्पताल में बिताए और इस दौरान यहां की सेवाओं में काफी सुधार की गुंजाइश बताई।
सांसद धर्मबीर सिंह दोपहर करीब सवा तीन बजे सिविल अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लेने पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने इमरजेंसी कक्ष का जायजा लिया। इस दौरान यहां सड़क हादसे में घायल वृद्धा मालपोष निवासी शांति देवी और युवक परमजीत को प्राथमिक उपचार दिया जा रहा था। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों को सांसद के सामने ही पीजीआई रेफर किया गया। जब सांसद ने वहां मौजूद एसएमओ अनीता गुलिया से मरीजों को रेफर करने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि यहां हड्डियों सहित अन्य विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं हैं। इस कारण मरीजों को रेफर किया गया है। इस पर सांसद ने जिला मुख्यालय अस्पताल के चिकित्सकों के बारे में पूछा तो एसएमओ ने बताया कि इस समय यहां तीन मेडिकल ऑफिसर ही हैं। विशेषज्ञ के ज्यादातर पद खाली पड़े हैं। इसके बाद सांसद एक्स-रे कक्ष में पहुंचे। वहां करीब दस युवा खड़े थे। सांसद ने युवाओं से पूछताछ तो उन्होंने बताया कि वो काफी देर से यहां खड़े हैं लेकिन नंबर नहीं आया है। इस पर सांसद ने रेडियोग्राफर के सहायक की नियुक्ति करने के आदेश दिए ताकि यहां आने वाले मरीज को एक्स-रे कराने के लिए इंतजार न करना पड़े। इसके बाद सांसद ने इमरजेंसी कक्ष ड्यूटी रोस्टर का जायजा लिया। एसएमओ ने बताया कि 24 घंटे इमरजेंसी सेवा शुरू रखने के लिए वीएचसी व सीएचसी के चिकित्सकों को बुलाना पड़ता है क्योंकि जिला मुख्यालय अस्पताल में चिकित्सकों की कमी है। इसी दौरान सीएमओ विरेंद्र यादव और डिप्टी सीएमओ संजय गुप्ता भी अस्पताल पहुंचे। सांसद ने सीएमओ से कहा कि सिविल अस्पताल में पहले से जो सुधार हुआ है। उसके लिए आपकी तारीफ करूंगा और जो कमियां हैं उसके लिए सरकार की खुलकर बुराई भी करूंगा।
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सीटी स्कैन की नहीं सुविधा
सड़क हादसे में घायल या फिर इमरजेंसी केस में अगर किसी मरीज का सीटी स्कैन करना हो तो यह सुविधा सिविल अस्पताल में नहीं है। इस पर भी सांसद ने एसएमओ से बातचीत की। एसएमओ गुलिया ने बताया कि सीटी स्कैन के लिए वो मरीजों को भिवानी भेजते हैं। हालांकि उनका नंबर सिविल अस्पताल में ही लगाया जाता है लेकिन यहां इस समय सीटी स्कैन मशीन उपलब्ध नहीं है।

प्रिंसिपल सेक्रेटरी के सामने भी उठाया चिकित्सकों की कमी का मुद्दा
लोकल अर्बन बॉडी के प्रिंसिपल सेक्रेटरी आनंद मोहन शरण भी सोमवार को जिला अधिकारियों की बैठक लेने लघु सचिवालय पहुंचे थे। उनके सामने भी चिकित्सकों की कमी का मुद्दा जिला प्रशासन ने उठाया। उन्होंने हेल्थ विभाग के प्रिंसिपल सेक्रेटरी से इस संबंध में बातचीत कर चिकित्सकों की कमी को तुरंत प्रभाव से दूर कराने का आश्वासन दिया। सांसद धर्मबीर सिंह ने निरीक्षण के बाद कहा कि सीएमओ ने यहां व्यवस्थाएं पहले से काफी बेहतर कर दी हैं लेकिन सरकार ही चिकित्सकों की कमी को पूरा नहीं कर पा रही। उन्होंने कहा कि इस संबंध में वे तुरंत प्रभाव से मुख्यमंत्री से बातचीत करेंगे। उन्होंने कहा कि फिलहाल तो चिकित्सा के नाम पर यहां दस प्रतिशत ही सुविधाएं मरीजों को मिल पा रही हैं।
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चिकित्सकों की कमी को जल्द करवाएंगे दूर : उपायुक्त
कुछ समय पहले डेपुटेशन पर यहां स्पेशलिस्ट भेजे थे लेकिन वे अपना ट्रांसफर करवा गए हैं। प्रिंसिपल सेक्रेटरी आनंद मोहन शरण के सामने हमने चिकित्सकों की कमी का मुद्दा उठाया है। उन्होंने जल्द ही इस कमी को पूरा करने का आश्वासन हमें दिया है। - अजय सिंह तोमर, जिला उपायुक्त
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