अमर उजाला ब्यूरो
बहादुरगढ़।
पूर्व विधायक नफे सिंह राठी ने कहा कि वैश्य आर्य कन्या प्राइमरी स्कूल के गेट को ताला लगवाकर भाजपा विधायक के इशारों पर भाजपा के लोगों ने निर्धन छात्राओं का भविष्य चौपट कर दिया है, लेकिन इस स्कूल का व्यवसायीकरण कतई नहीं होने दिया जाएगा।
पूर्व विधायक राठी ने शनिवार को प्रेस वार्ता में कहा कि रेलवे रोड स्थित वैश्य आर्य कन्या प्राथमिक पाठशाला में करीब 70 साल से छोटी बच्चियों को शिक्षा दी जा रही थी, लेकिन अपने स्वार्थ के वशीभूत होकर भाजपा के कथित नेताओं ने छोटी बच्चियों के भविष्य से खिलवाड़ कर चलते स्कूल को बंद करा दिया। यह तालाबंदी स्कूल भवन के आगे बनी दुकानों की लंबाई बढ़ाकर दुकानदारों से पैसे लेने और शिक्षा के व्यावसायीकरण के लिए की गई। यह तालाबंदी इस जमीन को हड़पने का षड्यंत्र है। बहादुरगढ़ के विधायक को चाहिए कि इस किस्म के लोगों को अपने पास रखने के बजाय ऐसे भ्रष्ट लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। राठी ने कहा कि बहादुरगढ़ शिक्षा सभा के जिम्मेदार सदस्य और शहर के नागरिक होने के नाते वह कन्या स्कूल को बचाने के लिए संघर्ष करेंगे और व्यवसायिक हित साधने वालों के मंसूबों को कभी कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। प्रेस वार्ता के मौके पर पार्षद शशि कुमार, पार्षद रमन यादव, पंडित खेमचंद भारद्वाज, रतन सिंह मोर व नरेंद्र राठी भी नफे सिंह राठी के साथ मौजूद थे।
खटक ने की निंदा
भारतीय धानक समाज के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व नगर पार्षद धीरराज खटक ने भी छोटी बच्चियों के स्कूल पर ताला लगाने को असामाजिक कृत्य बताया है। उन्होंने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ का नारा देने वाली सरकार को आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की छात्राओं का सहारा बनी रही वैश्य आर्य कन्या पाठशाला की रक्षा करनी चाहिए।