झज्जर। बिजली के तारों से निकल रही चिंगारी किसानों के सपनों पर कहर बरपा रही हैं। वीरवार को पांच गांवों में शॉर्ट सर्किट से किसानों की करीब 60 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। वहीं माजरा डी गांव में एक किसान के खेत में गेहूं काट रही कंबाइन मशीन से निकली चिंगारी से लगी आग के कारण चार एकड़ गेहूं की फसल और कंबाइन मशीन जल गई। आग की घटनाओं की सूचना फायर ब्रिगेड को भी दी गई। दमकल केंद्र में एक के बाद एक कॉल आती रही और दमकल केंद्र की गाड़ियां घटना स्थलों की तरफ दौड़ती रही। जिले के बाजीतपुर, समसपुर माजरा, चांदपुर, रामपुरा, वजीरपुर और माजरा डी में किसानों की फसल में जली है। किसानों ने भी आग पर काबू पाने का प्रयास किया। एक साथ कई स्थानों पर आग लगने के कारण माजरा डी में बहादुरगढ़ से भी फायर ब्रिगेड की गाड़ी को बुलाना पड़ा। लेकिन जिस समय तक गाड़ी वहां पहुंची उस समय तक दो किसानों की चार एकड़ गेहूं की फसल और कंबाइन मशीन जलकर राख हो चुकी थी।
बेरी और बजीरपुर में जली 50 एकड़ की गेहूं
वीरवार दोपहर को बेरी और वजीरपुर के खेतों में किसानों की खड़ी फसल में शॉर्ट सर्किट के चलते आग लग गई। खेतों में लगी आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और किसानों की मेहनत पलभर में उनकी आंखें के सामने जलकर नष्ट हो गई। कुछ किसानों ने फसल काटकर पूलियां बना रखी थी और कई किसान मशीन का इंतजार कर रहे थे। जैसे ही दोपहर को खेतों में आग लगने की सूचना बेरी और वजीरपुर के ग्रामीणों को मिली तो ग्रामीण झज्जर रोड पर फसल में लगी आग को बुझाने के लिए दौड़ पड़े। लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। झज्जर में फायर बिग्रेड को सूचना दी गई। लेकिन दमकल का दस्ता जब तक घटनास्थल पर पहुंचा उस समय तक किसानों का पीला सोना राख हो चुका था। किसानों ने कहा किसरकार ने दिन में बिजली कट लगा रखा है। बिजली निगम ने चालू रखा जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ा। वही बिजली निगम का तर्क था कि कटाई के चलते खेतों से गुजरने वाली सभी गांवों की बिजली बंद हैं। लेकिन इस लाइन को चालू कर रखा है। इस गांव का फीडर बंद नहीं किया था।
इन किसानों की जली फसल
बेरी के किसान धनराज पुत्र सावलिया की 2 एकड़, रामभगत पुत्र सावलिया की दो एकड़ गेहूं की फसल, बिजेंद्र पुत्र नत्थूराम, ज्ञान पुत्र नत्थूराम, रामचंद्र पुत्र नत्थूराम, नफे सिंह पुत्र रामनारायण, सूरज पुत्र मांगेराम, जैना पुत्र सनरूप, पटेल पुत्र सनरूप, वजीरपुर के किसान राज सिंह पुत्र ताले राम, सतबीर पुत्र ताले राम की 4 एकड़ फसल सहित इन किसानों की करीब 50 एकड़ गेहूं की फसल जलकर राख हो गई। हालांकि किसानों ने हिम्मत दिखाते हुए ट्रैक्टर से कटाव करके सैकड़ों एकड़ से ज्यादा फसल जलने से बचा ली। रामपुरा गांव में रामचंद्र पुत्र मांगे राम की तीन बीघे, रामचंद्र पुत्र तालेराम की की डेढ़ एकड़, नरसिंह व देशराज की एक-एक एकड़, बाजीतपुर में डेढ़ एकड़, समसपुर माजरा में धनराज की एक व मीरसिंह की आधा एकड़, चांदपुर में नंदलाल की तीन एकड़, माजरा डी में पवन की दो एकड़, समुंद्र की दो एकड़ गेहूं की फसल और कंबाइन मशीन जलकर राख हो गई। सभी घटनाओं की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे दमकल विभाग के कर्मचारियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
दोपहर को फीडर बंद करवाने के लिए फोन आया था, फसल कटाई के चलते सभी गांवों की बिजली सप्लाई दिन में बंद कर रखी है। इस गांव में अनाज मंडी है और गांव ने लिखकर नहीं दिया था। इसलिए बिजली चालू थी।
हेमंत जून, एसडीओ, बिजली निगम बेरी।