अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। वर्ष 2013 में करीब साढ़े 600 करोड़ की लागत से तैयार हुए रेवाड़ी-झज्जर-रोहतक रेलवे ट्रैक के विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद अब ट्रायल के तौर पर इलेक्ट्रिक ट्रेन इस ट्रैक पर दौड़ने लगी है। पहली बार में रेलवे की ओर से पैसेंजर गाड़ी को ही इलेक्ट्रिक इंजन से चलाया जा रहा है, लेकिन अन्य रेलगाड़ियों को अभी डीजल इंजन से ही चलाया जा रहा है। एक रेलगाड़ी रोहतक से शाम के समय रेवाड़ी की तरफ और सुबह वह रेलगाड़ी रेवाड़ी से रोहतक की तरफ इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई जा रही है। जबकि जल्द ही बाकी को इलेक्ट्रिक इंजन से चलाने की योजना है। इस रेलवे ट्रैक पर चलने वाली दोनों डेमू और जयपुर चंडीगढ़ इंटरसिटी एक्सप्रेस को अभी डीजल इंजन से ही चलाया जा रहा है।
दिसंबर में सीआरएस ने किया था निरीक्षण
दिसंबर 2018 में रेवाड़ी-झज्जर-रोहतक रेलवे लाइन के विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने के बाद रेलवे के सीआरएस ने इस ट्रैक निरीक्षण किया था और उसके बाद से 24 जनवरी की शाम 54020 पैसजर रेलगाड़ी इलेक्ट्रिक इंजन से चलाई गई थी। उसके बाद से 25 को सुबह 54019 गाड़ी रोहतक से रेवाड़ी की तरफ रेवाड़ी से रोहतक की तरफ गई थी। अब यह रेलगाड़ी ट्रायल के तौर पर निरंतर सुबह शाम इलेक्ट्रिक इंजन से ही चलाई जा रही है। अभी तक रेलगाड़ियां पुराने समय के अनुसार ही दो घंटे में अपना रूट पूरा कर रही हैं।
100 की स्पीड से चल रही रेलगाड़ी
रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी रेलवे लाइन को पहले 80 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली रेलगाड़ियों के लिए बनाया गया था। कुछ वर्ष पहले ही इस ट्रैक को 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ने वाली रेलगाड़ियों के लिए तैयार किया गया था। अब रेलगाड़ी इस लाइन पर 100 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से
रेलगाड़ियां दौड़ रही हैं। हालांकि अभी रेलगाड़ियों के समय में परिवर्तन नहीं किया गया है।
दिन के समय भी चलाई जाएं रेलगाड़ियां
रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी के बीच सुबह व शाम के समय ही रेलगाड़ियां चलाई जा रही हैं। ये गाड़ियां उस समय चलाई गई थी। जब ट्रैक को आठ घंटे के लिए खोला गया था। पहले चार घंटे सुबह और चार घंटे शाम को ही गाड़ियां निकाली जाती थी। लेकिन छह माह से भी अधिक समय से इस ट्रैक को 24 घंटे के लिए खोला जा चुका है। लेकिन दिन के समय एक भी रेलगाड़ी इस लाइन पर नहीं चलती। जबकि दिन भर मालगाड़ियां ही इस लाइन पर दौड़ती रहती है। वहीं पंडित रमेश कौशिक समेत अन्य लोगों ने इस ट्रैक पर दिन के समय भी पैसेंजर गाड़ियां चलाने की मांग की है ताकि स्थानीय लोगों को इसका लाभ मिले। केवल सुबह शाम चलाई जा रही गाड़ियों से यात्रियों को कोई खास फायदा नहीं हो पा रहा है।
रोहतक-झज्जर-रेवाड़ी तक के रेलवे ट्रैक का विद्युतीकरण का कार्य पूरा हो चुका है। एक पैसेंजर ट्रेन को इलेक्ट्रिक इंजन से चलाया जा रहा है। जल्द ही इस ट्रैक पर सभी गाड़ियां इलेक्ट्रिक इंजन से चलने लगेंगी।
दीपक कुमार, सीपीआरओ, नॉर्दन रेलवे, नई दिल्ली।