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पहले ही दिन वैरिफिकेशन के चक्कर में अटकी बाजरे की खरीद

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झज्जर। सरकार ने एक अक्तूबर से बाजरे की खरीद के आदेश सरकारी खरीद एजेंसियों को दिए थे। लेकिन अब तक प्रशान की तरफ से मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर दिए गए ब्योरे की वेरिफिकेशन तक पूरी नहीं की गई है। प्रशासन की तरफ से बाजरे की खरीद शुरू करने के दिन पटवारियों को वेरिफिकेशन के लिए फील्ड में उतारा गया है। पहले दिन मंडियों में किसान बाजरा लेकर आए और खरीद शुरू न होने के कारण उन्हें निराश होकर वापस अपने घरों का लौटना पड़ा। बाजरे की खरीद में किसी प्रकार का गड़बड़ झाला न हो इसके लिए सरकार की तरफ से पहले मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर बाजरे का ब्योरा मांगा गया और उसके बाद अब किन किसानों ने बाजरा बोया हुआ है सूची के अनुसार उसकी जांच करवाई जा रही है। हालांकि यहां पर कुछ गड़बड़ झाला होने की आशंका पैदा हो रही है।

इस प्रकार हुआ आंकड़ों में गड़बड़ झाला
कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिला में 33 हजार हेक्टेयर भूमि में किसानों ने बाजरा बोया हुआ है
और 18207 हेक्टेयर भूमि में बाजरे की फसल खराब होने की रिपोर्ट कृषि विभाग की तरफ से सरकार को भेजी हुई है। वहीं जिला में कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार 16683 किसानों ने जिला भर में बाजरा बोया हुआ है और 16397 किसानों ने बाजरा बेचने के लिए मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाया हुआ है। जिसके तहत 21 हजार 326 हेक्टेयर भूमि का 6 लाख 35 हजार 481 क्विंटल बाजरा बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन करवाया गया है। अगर 16397 किसानों ने करीब साढ़े 21 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरा बोया हुआ है तो बाकि करीब 200 किसानों ने ही साढ़े 11 हजार हेक्टेयर भूमि में बाजरा बोया। विभाग के आंकड़ों में ही गड़बड़ झाला है तो फील्ड से आने वाली रिपोर्ट कहां तक ठीक होगी वह तो इसके आने के बाद ही पता चल पाएगा। इस बार सितंबर में हुई वर्षा से किसानों की करीब 50 फीसद से अधिक फसल पानी भरने की वजह से बर्बाद हो गई है।
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तीन अनाज मंडियों में होनी है बाजरे की खरीद
किसानों के बाजरे की फसल की खरीद के लिए सरकार की तरफ से मंडियों और सरकारी खरीद एजेंसियां निर्धारित की हुई हैं। झज्जर जिला में बाजरे की खरीद दो खरीद एक एजेंसी और तीन अनाज मंडियां निर्धारित की गई हैं। बाजरे की खरीद के लिए हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस कॉर्पोरेशन तीनों अनाज मंडियों में तीन-तीन दिन खरीद करेंगी। बाजरे की खरीद के लिए झज्जर, मातनहेल और ढाकला की अनाज मंडियां निर्धारित की जा चुकी हैं। पहले दिन खरीद एजेसिंयों के पास मेरी फसल मेरा ब्योरा की अपडेट लिस्ट न मिलने के कारण खरीद नहीं हो पाई। हालांकि विभाग की तरफ से मंडियों में बाजरा लेकर पहुंचे किसानों की अराइवल तक दर्ज नहीं की गई।

किसानों की प्रतिक्रिया
सरकार के आदेश पर सारी कार्रवाई पूरी की हुई है। आज बाजरा लेकर मंडी में आए थे। लेकिन कोई भी अधिकारी बाजरा खरीदने के लिए नहीं आया। इसलिए वापस जा रहे हैं। अब दोबारा अपना बाजरा बेचने लिए आना पड़ेगा।
- धर्मपाल निवासी पाटौदा।

सारा ब्योरा देने के बाद भी बाजरा नहीं खरीदा जा रहा है। अब पांच तारीख के बाद बाजरा खरीदे जाने की बात अधिकारी कह रहे हैं। अभी आगे से ही रिकार्ड पूरा नहीं हो पाया है। अब मजबूरी में वापस ही जाना पड़ेगा।
- वेद प्रकाश निवासी छारा।

जब बाजरे की खरीद शुरू ही नहीं करनी थी तो एक अक्तूबर से खरीद शुरू करने का प्रचार नहीं करना चाहिए था। किसान अपना काम छोड़कर और वाहन का तेल खर्च कर मंडी आते हैं और निराश होकर बिना फसल बेचे ही वापस जा रहे हैं।
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- जयवीर निवासी बिरधना।

अभी बाजरा खरीद के लिए तकनीकी स्तर पर कुछ समस्याएं रही हैं। उनका जल्द ही समाधान कर लिया जाएगा। चंडीगढ़ मुख्यालय पर निरंतर संपर्क किया जा रहा है। कुछ किसानों को गेटपास दिया गया है।
- शिखा, नोडल अधिकारी एवं सीईओ जिला परिषद, झज्जर।
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