अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर। बारिश से फसलों के हुए नुकसान व गिरदावरी कराए जाने की मांग को लेकर सोमवार को किसानों ने दीपेंद्र हुड्डा के नेतृत्व में झज्जर के उपायुक्त के माध्यम से सरकार को मांग पत्र दिया गया। मांग पत्र में कहा गया कि सरकार बिना देरी और भेदभाव के विशेष गिरदावरी के आदेश दे तथा किसानों को हुए नुकसान की भरपाई करे। उन्होंने सरकार के समक्ष मांग रखी कि खरीफ की फसल की तुरंत गिरदावरी करवा कर कम से कम 20000 रुपये प्रति एकड़ और नुकसान के अनुसार 30000 रुपये प्रति एकड़ तक निर्धारित कर किसानों को दी जाये। दूसरी मांग जिन किसानों के खेतों में जलभराव हो गया है उनकी जमीन से पानी निकालने का काम युद्धस्तर पर किया जाये। तीसरी, अगर सरकार की निष्क्रियता की वजह से अगली रबी की फसल तक भी पानी न निकाला जा सके तो रबी की फसल की बिजाई से पहले अगली फसल की बरबादी का मुआवजा प्रभावित किसानों को दिया जाये। चौथी मांग, कुछ गांव ऐसे भी हैं जहां लोगों के घरों में पानी भर गया है उन लोगों को हुए नुकसान का आंकलन कर उचित मुआवजा दिया जाये। इसके साथ ही सरकार बिना देरी किये बाजरा की खरीद चालू करे और प्रतिदिन बिक्री सुनिश्चित करे। सांसद ने सरकार से मांग करते हुए कहा कि किसानों को हुए नुकसान के मद्देनजर तुरंत धान और बाजरे इत्यादि फसलों पर उचित बोनस घोषित किया जाये। इस मौके पर विधायक रघुबीर कादयान, विधायक गीता भुक्कल, पूर्व सीपीएस अनीता यादव, पूर्व विधायक नरेश शर्मा, पूर्व विधायक राजेंद्र जून, चेयरमैन शीला राठी, राज सिंह जाखड़, नरेश हसनपुर, कुलदीप वत्स आदि भी मौजूद रहे।
ड्रेनों की नहीं करवाई सफाई
उन्होंने ड्रेनों की सफाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि नए ड्रेन बनाना तो दूर की बात है जो ड्रेन बने हैं उनकी सफाई भी नहीं कराई जा रही है। जिसकी वजह से बारिश में लोगों के घरों तक में पानी भर गया है। सांसद ने आगे कहा कि सुबाना ड्रेन बनाने की मंजूरी के साथ- साथ उस पर सेक्शन 4 भी उनके समय ही लग गया था। परंतु इस निकम्मी सरकार के कारण वो ड्रेन बन नहीं पाया और रद्द कर दिया गया।