अमर उजाला ब्यूरो
झज्जर।
नगर पालिका के एमसी फंड में इस समय टोटा आ गया है, जिसके चलते नपा के 170 कर्मियों को तीन माह से वेतन नहीं मिल पाया। ऐसे में सबसे ज्यादा दिक्कत सफाई कर्मियों के सामने खड़ी हो गई है। जिन्हें अपना गुजारा करना मुश्किल हो गया है। ऐसे में नपा ने फंड को जुटाने के लिए जोड़-तोड़ लगाने शुरू कर दिए हैं कि एमसी फंड को बढ़ाकर कम से कम इतना कर दिया जाए, जिससे कर्मचारियों का वेतन जारी किया जा सके। नपा अधिकारियों के द्वारा फंड लेकर प्लानिंग बनाई जा रही है कि कहां-कहां से नपा का बकाया है, जिसे वसूला जा सके। अब देखना यह है कि नपा के अधिकारी कितनी जल्दी फंड जुटा पाते हैं।
दो माह से अटका स्टांप ड्यूटी का पैसा
प्रतिमाह तहसील कार्यालय से हर रजिस्ट्री पर नपा को 2 प्रतिशत स्टांप ड्यूटी के तौर पर मिलता है। इससे नपा को हर माह करीब 25 से 30 लाख रुपये की आमदनी हो जाती है। पिछले दो माह से स्टांप ड्यूटी का पैसा तहसील कार्यालय के द्वारा नपा के खाते में नहीं डाला गया। जोकि कर्मचारियों की तनख्वाह नहीं मिलने के लिए भी मुख्य कारण बना है। अगर हर माह तहसील कार्यालय के द्वारा समय पर ये पैसा रिलीज कर दिया जाए तो कर्मियों को वेतन बांटने में नपा को कोई दिक्कत नहीं आएगी।
प्रतिमाह देना पड़ता है 25 लाख वेतन
नपा के कर्मचारियों की तनख्वाह पर हर माह करीब 25 लाख रुपये का खर्च आता है। नपा में इस समय में करीब 170 कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से 146 सफाई कर्मी शामिल हैं। इनमें 125 अस्थायी तथा 21 स्थायी हो कर्मी हैं। इनके अलावा नपा सचिव, एमई, अकाउंटेंट, बीआई के पद पर एक-एक कर्मचारी तैनात हैं।
हाउस टैक्स का 95 लाख का बकाया
शहर में नपा के द्वारा 20 हजार प्रॉपटी रिकार्ड में दर्ज की गई हैं। जिन पर हर साल करीब एक करोड़ 45 लाख रुपये की हाउस टैक्स के तौर पर वसूली करनी होती है। वर्तमान वर्ष में नपा के द्वारा अब तक 49 लाख 85 हजार रुपये की वसूली हो पाई है। इसके चलते अब तक शहर पर नपा का 95 लाख रुपये का हाउस टैक्स बकाया है। जिसकी रिकवरी के लिए नपा के द्वारा अब लोगों को नोटिस दिए जाएंगे।
एजेंसी से करवाई जाएगी रिकवरी
नपा द्वारा हाउस टैक्स सर्वे और रिकवरी के लिए एजेंसी को ठेका दिया जाएगा। एजेंसी शहर में हाउस टैक्स का सर्वे करेगी और फिर टैक्स की वसूली कर नपा के खाते में जमा करवाएगी। इसके लिए नपा की ओर से एजेंसी को कमीशन दिया जाएगा। नपा द्वारा ऐसा इसलिए किया जा रहा है क्योंकि नपा के पास इतनी संख्या में स्टाफ सदस्य नहीं हैं कि नपा खुद से अपनी रिकवरी कर सके।
वर्जन
एमसी फंड में कमी आने के कारण सभी कर्मियों की तनख्वाह रुकी हुई है। फंड को बढ़ाने के लिए 10 हजार से अधिक हाउस टैक्स वालों को नोटिस दिए जाएंगे। वहीं, हाउस टैक्स की रिकवरी के लिए एजेंसी को हॉयर करने पर विचार किया जा रहा है। स्टांप ड्यूटी का पैसा जल्द रिलीज करवाने के लिए तहसील कार्यालय में बात की जाएगी।
- नरेंद्र सैनी, नपा सचिव, झज्जर।