नोटबंदी का 22 दिन समय बीत गया है, इसके बावजूद भी बैंकों में पर्याप्त कैश नहीं आ पा रहा। बुधवार को भी बैंकों में वहीं पुरानी ढीली व्यवस्था बनी रही। जिन बैंकों में कैश था वहां भीड़भाड़ थी और जहां कैश नहीं था, वहां बाहर लटके ..कैश न होने के सूचना बोर्ड.. को देखकर लोगों को काफी मायूसी हुई। कैश के अभाव में एटीएम भी खाली रहे। बुधवार की सुबह शहर के अधिकांश बैंकों में कैश नहीं था। धीरे-धीरे समय गुजरता तो बैंकों में कैश आना शुरू हो गया। रेलवे रोड के बैंकों में करीब 12 बजे के आसपास रुपये निकलाने का काम शुरू हो पाया। इससे पहले इन बैंकों में केवल रुपये जमा कराने का काम हुआ। पीएनबी में छह-छह हजार रुपये निकाले गए, तो सेंट्रल बैंक ने हरेक को 2 हजार रुपये निकाल कर दिए। बैंक आफ बड़ोदा में पर्याप्त कैश न होने के कारण कुछ देर ही रुपये निकाले जा सके। आंध्रा, विजय और एसबीबीजे में भी लेनदेन काम सही ढंग से चला। आईडीबीआई बैंक में भी काफी भीड़भाड़ थी। बाजारी क्षेत्र में करीब 35 एटीएम हैं। बुधवार को इनमें से केवल चार एटीएम बूथ में ही कैश उपलब्ध था। अधिकांश एटीएम बूथों में रुपये न होने के चलते लोगों को बेहद दिक्कतें हुई।
नोटिस के बाद भी दिए जा रहे रुपये
बुधवार को ओबीसी और पीएनबी सहित कुछ बैंकों के बाहर ..कैश उपलब्ध न होने के बोर्ड लगे हुए थे। इस सूचना को पढ़ते ही लोग वापस हो लेते। इस कारण इन बैंकों के बाहर ज्यादा भीड़भाड़ भी नहीं थी। अहम बात ये कि रेलवे रोड स्थित एक बड़े बैंक के बाहर तो कैश न होने का बोर्ड लगा था और अंदर रुपये दिए जा रहे थे। बैंक से बाहर निकलने वाले लगभग हरेक व्यक्ति को 6-छह हजार रुपये दिए जा रहे थे। राधा कालोनी के निवासी श्रीगोपाल ने कहा कि जानबूझ कर गेट पर बोर्ड लगाए जाते हैं, ताकि लोग बाहर से ही देखकर वापस चले जाएं। उधर, बैंक के कर्मचारियों ने कहा कि सुबह कैश नहीं था इसलिए यह बोर्ड लगाया गया, बाद में कैश आया तो थोड़ी भूलवश थोड़ी देर तक यह बोर्ड लगा रह गया।
सुरक्षा कर्मियों को भी हुई परेशानी
बैंकों के बाहर व्यवस्था बनाने में जुटे पुलिस कर्मियों को भी बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ा रहा है। लोग इनके साथ ही उलझ पड़ते हैं। बुधवार को भी रेलवे रोड स्थित एक बैंक के बाहर खड़े पुलिसकर्मी से एक व्यक्ति उलझ गया। पुलिसकर्मी से उलझने वाला भी रिटायर्ड पुलिसकर्मी था। सुरक्षा की दृष्टि से बाहर खड़े पुलिसकर्मी लोगों को यह सूचना दे रहा था कि बैंक में कैश नहीं है। इस बात पर रिटायर्ड पुलिसकर्मी ने कहा कि कैश होने न होने की सूचना देना बैंक अधिकारी का काम है पुलिस का नहीं। वहीं, पुलिस कर्मी बोला कि सूचना देना गुनाह तो नहीं। कम से कम लोग बेवजह लाइन में खड़े होकर परेशान तो नहीं होंगे।