आरबीआई द्वारा भले ही कैश निकालने की लिमिट खत्म कर दी हो, लेकिन बैंक में जो कैश पहुंच रहा है, वो उसी लिमिट मेें हैं। इसके चलतेे अब ग्राहकों को हाल-फिलहाल में कोई राहत मिलती नजर नहीं आ रही।
कैश निकासी की लिमिट खत्म होने की घोषणा के बाद मंगलवार को बैंकों में भारी भीड़ उमड़ी, लेकिन कैश की उपलब्धता ने सभी को निराश किया। 9 नवंबर से अब तक कोई दिन ऐसा नहीं रहा, जब कैश सवा 15 करोड़ रुपये से ज्यादा जिले के बैंकों में आया हो। निकासी पर लिमिट की रोक खत्म होने के बाद लोग मंगलवार को उम्मीद कर रहे थे कि अब कैैश ज्यादा मात्रा में बैंकों में आएगा, लेकिन मंगलवार को भी केवल 14 करोड़ रुपये ही बैंकों में पहुंचे।
निकासी की सीमा हटाने की सूचना जैसे ही जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंची तो मंगलवार को बैंकों में भीड़ उमड़ पड़ी, लेकिन लोगों को वही पहले के दिनों वाले हालात से गुजरना पड़ा। बैंक अधिकारियों ने सुबह ही ग्राहकों के सामने स्पष्ट कर दिया था कि आरबीआई द्वारा भले ही लिमिट खत्म कर दी गई है, लेकिन बैंकों में ज्यादा पैसा नहीं आया है। वहीं कुछ बैंकों ने अपने ग्राहकों को चार हजार रुपये दिए तो कुछ ने अपने उपभोक्ताओं को 10 हजार रुपये तक भी दिए।
स्वैप मशीनों की भी नहीं डिमांड
नोटबंदी के बाद जिस प्रकार के क्षेत्र में हालात बने हुए हैं, उससे उम्मीद लगाई जा रही थी कि कैशलेस ट्रांजेक्शन अब ज्यादा चलन में आएगी, लेकिन ऐसा कुछ देखने को नहीं मिल रहा है। मिडल क्लास बाजार में अब भी स्वैप मशीनें नजर नहीं आ रही हैं। वहीं लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक में भी 9 नवंबर से अब तक कोई डिमांड स्वैप मशीन के लिए किसी भी प्रतिष्ठान मालिक द्वारा नहीं की गई है।
नहीं आए हैं 500 के नए नोट
जिले के बैंकों में अभी तक 500 का नया नोट नहीं आया है, जिसके चलते 2 हजार रुपये का नया नोट भी लोगों के लिए आफत बना हुआ है। पुराने नोटों की तरफ इसे भी खुल्ले पैसे नहीं होने के कारण स्वीकारा नहीं जा रहा। इसके चलते आम आदमी को खासी तकलीफ उठानी पड़ रही है। जिले के बैंकों में अगले कुछ दिनों तक 500 के नए नोट आने की उम्मीद भी नहीं जताई जा रही है।
नकदी निकासी की लिमिट खत्म कर दी गई है, लेकिन मंगलवार को केवल सवा 14 करोड़ रुपये ही मिले। वहीं 500 का नया नोट भी अभी जिले में नहीं आया है, जिसके चलते बैंक प्रबंधनों को दिक्कत उठानी पड़ रही है।
एलडी शर्मा, एलडीएम, झज्जर