झज्जर। पेयजल संकट से जूझ रहे जिले के तीन गांव कासनी, फतेहपुरी व कन्वाह के ग्रामीणों को जल्द राहत मिलेगी। इन गांवों में पानी स्टोर करने के लिए बड़े टैंक बनाए जाएंगे। इनकी क्षमता 35 लाख 43 हजार क्यूसेक पानी स्टोर करने की है। आगामी 15 साल तक की संभावित जनसंख्या को आधार बनाकर पानी की आपूर्ति का आंकलन किया गया है। इसके लिए जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग ने 4 करोड़ 85 लाख 36 हजार रुपये की कार्ययोजना बनाकर मुख्यालय को भेज दिया है, जो कि जल्दी ही पास होने की संभावना हैं।
जन स्वास्थ्य एव अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस योजना को बनाने के लिए करीब 5 एकड़ जमीन का प्रयोग किया जाएगा। इसमें झज्जर की लाइफ लाइन मानी जाने वाली जवाहरलाल नेहरु कैनाल से टैंको में पानी का भंडारण किया जाएगा। इस वॉटर टैंक में पानी स्टोरेज करने की व्यवस्था विभाग की ओर से करवाई जाएगी। जिले के आधे से ज्यादा वाटर सप्लाई का पानी जेएलएन कैनाल से होता है। वाटर सप्लाई के लिए नहरों से 16 दिन पानी आता है और 16 दिन पानी की आपूर्ति नहरों से नहीं होती। जिससे पहले ही जन स्वास्थ्य विभाग टैंकों में पानी को स्टोरेज कर सप्लाई लोगों को पेयजल की आपूर्ति करने का काम करता है। लेकिन गांव कासनी,कन्वाह, फतेहपुरी में बनने वाले वॉटर टैंक में 24 दिनों के वाटर पानी के भंडारण की क्षमता बनाई जाएगी। जिसके लिए जिला जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से एस्टीमेट बनाकर मुख्यालय को भेज दिया गया है, एक दो महीने में एस्टीमेट पास हाेते ही टेंडर प्रक्रिया करने के बाद काम शुरू करवा दिया दिया जाएगा।
वर्जन:
जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग की ओर से जिले के तीन गांव कासनी, कन्हवा, फतेहपुरी के लिए की पानी की समस्या के लिए वॉटर टैंक बनाए जाएंगे। जिनको अत्याधुनिक तरीके से बनाने के लिए बजट का एस्टीमेट मुख्यालय को भेज दिया गया है। जैसे ही एस्टीमेट पास होता है विभाग की ओर से काम शुरू करवा दिया जाएगा।
रूपेश चंद्र, कार्यकारी अभियंता जन स्वास्थ्य एवं अभियांत्रिकी विभाग, झज्जर।