पुलिस सुरक्षा के बीच प्रवासी श्रमिकों को लेकर हिसार जाती रोडवेज की बसें।
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झज्जर। जिले के कृषि क्षेत्र से जुड़े 151 प्रवासी श्रमिकों को वीरवार को हिसार रेलवे स्टेशन से उनके गृह जिले में भेजने की व्यवस्था प्रशासन की ओर से की गई। जिला मुख्यालय से रोडवेज की 5 बसों के माध्यम से उक्त प्रवासी श्रमिकों को हिसार रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया जहां से वे अपने गंतव्य की ओर ट्रेन से रवाना हो गए। विशेष रूप से पहले कृषि क्षेत्र से जुड़े प्रवासी श्रमिकों को प्रदेश सरकार की ओर से उनके घर भेजने की व्यवस्था की गई है। जिले में प्रारंभिक चरण में वीरवार को 151 प्रवासी श्रमिकों की स्वास्थ्य जांच उपरांत बसों में खानपान की उपलब्धता सुनिश्चित करते हुए हिसार के लिए रवाना किया गया। संबंधित विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में करीब 54 हजार लोग रजिस्ट्रेशन करवा चुके हैं।
- पुलिस सुरक्षा के बीच भेजे गए श्रमिक
सुरक्षा की दृष्टि से श्रमिकों के साथ पुलिस टीम भी रेलवे स्टेशन हिसार तक भेजी गई। कोरोना के तहत चल रहे लॉकडाउन में प्रवासी श्रमिकों को उनके घर पहुंचाने का कार्य मुख्यमंत्री की सकारात्मक सोच का परिणाम है। जिले में प्रवासी श्रमिकों को भेजने के लिए नोडल अधिकारी के रूप में सीटीएम डॉ. सुभिता ढाका को लगाया गया है। साथ ही जिले के चारों एसडीएम अपने उपमंडल से संबंधित संपूर्ण जानकारी रिकॉर्ड सहित नोडल अधिकारी को देंगे, ताकि निरंतर प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह जिलों तक पहुंचाया जा सके। गृह राज्य में जाने के इच्छुक प्रवासी श्रमिक, नागरिक व छात्र आदि सरकार द्वारा जारी किए गए केंद्रीकृत लिंक पर अपना पंजीकरण करवाएं ताकि पूरी व्यवस्था व स्वास्थ्य सुरक्षा के तहत उन्हें भेजा जा सके। प्रवासी श्रमिक टोल फ्री नंबर 1950 से भी जानकारी ले सकते हैं।
- सोशल डिस्टेंसिंग का रखा जा रहा है पूरा ध्यान
प्रवासी श्रमिकों को भेजने के लिए नियुक्त की गई नोडल अधिकारी एवं सीटीएम डॉ. सुभिता ढाका ने बताया कि सोशल डिस्टेंस को ध्यान में रखकर श्रमिकों को बसों में बैठाकर हिसार रेलवे स्टेशन के लिए भेजा गया है। उन्होंने बताया कि सरकार और प्रशासन में सभी श्रमिकों के लिए हर सुविधाएं मुहैया कराई हैं उन्हें बिना किसी खर्चे के उनके अपनों के बीच भेजा जा रहा है। इतना ही नहीं उनके खाने-पीने की व्यवस्था भी प्रशासन सरकार की ओर से उनकी यात्रा शुरू होने से समाप्ति तक की जा रही है।
मुख्यमंत्री स्वयं प्रवासी श्रमिकों को भेजने की पूरी प्रक्रिया की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। जिले के प्रवासी श्रमिकों को भेजने से पूर्व शेल्टर होम में बुलाकर उनके स्वास्थ्य की जांच करने सहित अन्य आवश्यक रिकॉर्ड बनाया जाता है। उसके बाद ही उन्हें उनके गृह जिलों में भेजने की प्रक्रिया अमल में लाई जा रही है। सरकार की ओर से उन्हें प्रदत्त की गई सेवाओं का वे अच्छा अनुभव लेकर अपने घरों को लौट रहे हैं।
- जितेंद्र कुमार, डीसी, झज्जर।