अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी। निजी स्कूलों के तर्ज पर अब रानीला राजकीय स्कूल के बच्चे भी फर्राटेदार इंगलिश बोलना सीख सकेंगे। इसके लिए स्कूल परिसर में मॉड्यूल फॉर इंग्लिश स्पीकिंग लेबोरेट्री स्थापित की जाएगी। लेबोरेट्री ग्राम पंचायत के माध्यम से स्थापित कराई जाएगी और इसमें बच्चों को इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स कराया जाएगा। इस संबंध में जिला उपायुक्त अजय सिंह तोमर ने आदेश जारी कर दिए हैं।
उपायुक्त अजय सिंह तोमर के मार्गदर्शन में जिला के रानीला गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से एक नई पहल होने जा रही है। उपायुक्त ने इस स्कूल में पंचायत के माध्यम से अमेरिकन मोडयूल फॉर इंग्लिश स्पीकिंग लेबोरेट्री स्थापित करने को स्वीकृति दी है। मंगलवार को रानीला में उपायुक्त की अध्यक्षता में आयोजित रात्रि दरबार में रानीला के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल को लेकर चर्चा हुई। बीडीपीओ नरेंद्र मल्होत्रा ने उपायुक्त को बताया कि इस स्कूल में प्रतिभावान विद्यार्थी पढ़ते हैं। यहां पर इंग्लिश स्पीकिंग कोर्स के लिए अच्छी सुविधा की जरूरत है। इस पर उपायुक्त ने कहा कि इंग्लिश स्पीकिंग जैसी सुविधाएं सभी सरकारी स्कूलों में होनी चाहिए। इससे सरकारी स्कूलों के बच्चों को वर्तमान युग में काफी मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि रानीला स्कूल से इस नई पहल की शुरूआत की जाए और पंचायत के माध्यम से इस स्कूल में अमेरिकन मॉडयूल फॉर इंग्लिश स्पीकिंग लेबोरेट्री स्थापित करने के लिए तुरंत कार्य शुरू कर दिया जाए। उपायुक्त ने कहा कि चरखी दादरी जिला के सभी बच्चे बहुत प्रतिभावान हैं और अगर इन बच्चों को अवसर दिया जाए तो ये विभिन्न क्षेत्रों में बहुत उच्च स्थानों पर जाकर चरखी दादरी का नाम रोशन कर सकते हैं। पहले भी दादरी जिला के बच्चों ने क्षेत्र का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन किया है। उन्होंने कहा कि दूसरे गांव की पंचायतों को भी ऐसे कार्यों के लिए आगे आना चाहिए। गांव के सरकारी स्कूलों में अच्छी व्यवस्था हो और वहां पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें, इसकी जिम्मेदारी पंचायत की भी है।