19jjrp25- सिवाना-सेंगेडा माइनर टूटने पर उस पर बांध लगाने का प्रयास करते किसान। स्रोत-ग्रामीण
- फोटो : छठी वाहिनी पीएसी में बॉडी बिल्डिंग में प्रतिभाग करते बाॅडी बिल्डर।
बेरी। क्षेत्र के सिवाना-सेंगेडा माइनर में सिंचाई विभाग की लापरवाही एक बार फिर किसानों पर भारी पड़ गई। वीरवार को नहर टूटने से 30 एकड़ गेहूं की तैयार फसल जलमग्न हो गई। किसानों की मेहनत कुछ ही घंटों में मिट्टी में मिल गई। कोई मदद न मिलने पर लोगों ने स्वयं ही बोरी व ईंटों की मदद से पानी को रोकने का प्रयास किया।
ग्रामीण सुमित, बबलू, मन्नू, महेंद्र, नवीन, अजय, ब्रह्मानन्द, जले, आजाद ने बताया कि यह नहर पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में है। कई बार संबंधित विभाग और अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई लेकिन किसी ने इसकी सुध लेना जरूरी नहीं समझा।
नतीजा यह हुआ कि लगातार अधिक पानी छोड़े जाने के कारण वीरवार को नहर अचानक टूट गई और खेतों में पानी भर गया। ग्रामीणों ने बताया कि जब फसल को सिंचाई की जरूरत होती है, तब उन्हें पानी के लिए संघर्ष करना पड़ता है। अगर समय रहते नहर की मरम्मत कर दी जाती तो यह नुकसान टाला जा सकता था।
उन्होंने बताया कि इससे पहले भी नहर टूटने से फसलें बर्बाद हो चुकी हैं लेकिन आज तक किसानों को कोई मुआवजा नहीं मिला। बार-बार नुकसान झेलने के बावजूद प्रशासन की ओर से न तो कोई ठोस कार्रवाई की गई और न ही किसी अधिकारी ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि नहर की स्थायी मरम्मत कराई जाए। उचित मुआवजा दिया जाए और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।