बिना शेड्यूल खरीद शुरू, सर्वर तीन घंटे ठप, किसान परेशान
अमर उजाला ब्यूरो
चरखी दादरी।
घोषणा के पांच दिन बाद मंगलवार को नई अनाज मंडी में सरसों खरीद शुरू हुई है। यह खरीद प्रक्रिया बिना किसी शेड्यूल के हुई। पहले ही दिन सर्वर ठप रहने से किसानों को भारी परेशानियाें का सामना करना पड़ा। करीब तीन के इंतजार के बाद दोपहर करीब एक बजे खरीद कार्य शुरू हो पाया। सुनसान नई अनाज मंडी में मंगलवार को सरसों की ढेरियां नजर आईं। पहले दिन अनाज मंडी में करीब 180 क्विंटल सरसों की आवक हुई। वहीं, अनाज मंडी में सफाई व्यवस्था चौपट होने व बिजली के पुख्ता प्रबंध न होने से कामकाज में भी देरी हो रही है।
प्रशासन ने सोमवार को किसानों की मांगों के मद्देनजर मंगलवार से अगले पांच दिन तक बिना शेड्यूल के सरसों की खरीद करने का निर्णय लिया। इसे जहन में रखकर मंगलवार सुबह आठ बजे ही किसान अनाज मंडी पहुंचना शुरू हो गए। खरीद कार्य सुबह दस बजे तक भी शुरू नहीं हुआ तो किसान परेशान होने लगे। मार्केटिंग बोर्ड और हैफेड के अधिकारियों से बातचीत की तो पता चला कि इंटरनेट सेवा बाधित होने से ढेरी का डाटा अपडेट नहीं हो पाएगा। सर्वर बहाल होने के बाद ही खरीद कार्य शुरू किया जाएगा। इसके बाद कुछ किसान मायूस होकर लौट गए तो कुछ टीन शेड के नीचे ही अपने ट्रैक्टर-ट्राली में लदी सरसों पर ही आराम फरमाते नजर आए।
यहां के किसान पहुंचे मंडी
खरीद के पहले दिन मौड़ी, बलकरा, घिकाड़ा, गोठड़ा, रामनगर, फतेहगढ़ सहित शहर के बाहरी क्षेत्र में रहने वाले किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचे। यहां प्रति किसान 25 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। इससे पहले सरसों में नमी का मात्रा भी देखी गई है। हैफेड के अधिकारियों ने बताया कि पहले दिन करीब 180 क्विंटल सरसों मंडी पहुंची है। ज्यादातर किसानों की सरसों में नमी की मात्रा 8 प्रतिशत से कम ही है। छह से सात प्रतिशत नमी के केस ही ज्यादा सामने आए। वहीं, खुली खरीद होने से किसानों को कुछ हद तक राहत मिली। मार्केटिंग बोर्ड के कार्यालय में ही कुछ पटवारी मौजूद रहने से किसानों को कागजी शर्तें पूरी करने में दिक्कतें नहीं आई।
सफाई व्यवस्था चौपट, बैठने की व्यवस्था नहीं
मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारी नई अनाज मंडी में तमाम सुविधाएं मुहैया कराने के दावे कर रहे हैं लेकिन सफाई व्यवस्था चौपट है। जगह-जगह कूड़े-कचरे के ढेर लगे होने से किसानों और आढ़तियों को परेशानियां झेलनी पड़ रही हैं। इसके अलावा यहां किसानों के बैठने के लिए भी कोई पुख्ता प्रबंध नहीं है। मार्केटिंग बोर्ड के ठेकेदार के पास सरसों सफाई के लिए इलेक्ट्रानिक मशीन तो है लेकिन बिजली के प्रबंध न होने से लेबर को हाथ से ही यह मशीन चलानी पड़ रही है। इस कारण 15 मिनट के काम में एक घंटा उन्हें लग रहा है।
घंटों का इंतजार, किसी को राहत तो कोई फिर भी परेशान
मैं सुबह करीब दस बजे मंडी आया था और मेरी सरसों करीब दो बजे हैफेड अधिकारियों ने ली है। सर्वर ठप रहने से इंतजार करना पड़ा। - महेंद्र सिंह, गोठडा
मेरे गांव का पटवारी यहां नहीं बैठा है। सुबह दस बजे से फोन भी बंद आ रहा है। ऐसे में शर्तें पूरी न होने से मेरी सरसों खरीदने से इंकार कर दिया। - शीशपाल, रामनगर
सुबह खरीद कार्य शुरू होते ही सर्वर डाउन होने से काम रुक गया। सरसों बेचने के लिए तीन-चार घंटे का इंतजार किया लेकिन 25 क्विंटल सरसों मेरी बिक गई। - यादवेंद्र, फतेहगढ़
वर्जन::
सर्वर डाउन होने से थोड़ी परेशानियां आई थी। उसको हमने अब दूर कर लिया है। मंगलवार को ओपन खरीद हुई और करीब 180 क्विंटल सरसों की आवक हुई। हमने बिजली संबंधी परेशानियों को दूर करवा दिया है। - राम नारायण, फील्ड इंस्पेक्टर, हैफेड
वर्जन:
अनाज मंडी में सरसों की खरीद सुचारु रूप से शुरू हो चुकी है। पहले दिन करीब 200 क्विंटल सरसों की आवक हुई है। 22 मार्च तक ओपन खरीद अनाज मंडी में की जाएगी। किसानों की सहूलियतों के लिए पटवारी भी यहां बैठे हैं। - सुमनलता, सचिव मार्केटिंग बोर्ड