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भीमेश्वरी देवी मेला संपन्न, प्रशासन ने ली राहत की सांस

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अमर उजाला ब्यूरो
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बेरी (झज्जर)।
नवरात्र पर माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में लगा मेला शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हो गया। अंतिम दिन अष्टमी के अवसर पर भक्तों ने माता के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और मन्नत भी मांगी। अल सुबह से लेकर देेर रात तक बेरी माता के जयकारों से गूंजता रहा। अष्टमी के मौके पर दूर-दराज के क्षेत्रों से भक्तों ने पहुंचकर मां भीमेश्वरी देवी के दरबार में माथा टेककर मन्नत मांगी।
वहीं, नवविवाहित जोड़ों ने माता के दरबार में गठजोड़े की जात दी। लोगों ने अपने बच्चों का मुुंडन भी करवाया। प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था और सुविधाओं की दृष्टि से बेरी मेले को विभिन्न सेक्टरों में बांटा गया था। बरसों से चली आ रही परंपरा अनुसार मां भीमेश्वरी को अष्टमी के दिन मंदिर में पुजारी ने मंत्रोच्चारण के बीच महाआरती करवाई। मेले के ओवर आल इंचार्ज एसडीएम संजय राय, डीएसपी जितेन्द्र सिंह, डीएसपी अजमेर सिंह, बेरी थाना प्रभारी संदीप कुमार, शहर चौकी इंचार्ज सत्यवीर, नगर पालिका सचिव नरेन्द्र सैनी, जेई नवीन धनखड़, एमई मंदीप धनखड़ के अलावा आला अधिकारियों ने भी मंदिर में पहुंचकर माता के दर्शन किए और बाहर मंदिर और अंदर वाले मंदिर में व्यवस्थाओं का भी जायजा लेते नजर आए। मंदिर परिसर में सेवा कर रहे लोगों को व्यवस्था बनाने में पुलिस की टीम बेहतर ढंग से सहयोग करते हुए दर्शन करने वाले लोगों की मदद में जुटी रही।
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रोजाना मां को सुबह साढ़े चार बजे बाहर वाले मंदिर में लाया जाता है। परंतु अष्टमी के दिन माता को सुबह ढाई बजे बाहर वाले मंदिर में लाया गया। जब मां को अंदर वाले मंदिर से बाहर वाले मंदिर वाले में लाया गया उस समय हजारों श्रद्धालु मां के दरबर में पूजा-अर्चना के लिए खड़े थे। मंदिर के पुजारी ने मत्रोउच्चारण के साथ मां को स्नान करवाकर आरती की गई। मां के दर्शनों के लिए हजारों श्रद्धालु बुधवार रात से लाइनों में लगाने लगे थे। वहीं दोपहर को पुजारी माता को गोद में लेकर कस्बे के अंदर वाले मंदिर में लाया जाता है। फिर मां के दर्शन आरंभ हो जाते है जो सिलसिला देर रात तक चलता है सप्तमी और अष्टमी को मां भीमेश्वरी देवी मंदिर में लाखों श्रद्धालुओं ने शीश नवाया और मां से आशीर्वाद प्राप्त किया।

स्क्रीन से भी मां के दर्शन
कड़ी सुरक्षा के बीच मां को सुबह दो बजे माता को अंदर वाले मंदिर से बाहर वाले मंदिर में लाया गया। मां के दरबार में पहले से ही हजारों श्रद्धालु मां के दर्शनों के लिए कतार में लगे हुए थे। प्रशासन ने जगह-जगह स्क्रीन लगवा रखी थी, ताकि कतार में लगे हुए श्रद्धालु मां के दर्शन स्क्रीन पर करते रहें। बेरी में उमड़ने वाली लाखों भक्तों की भीड़ की सुरक्षा प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। ऐसे मेें सप्तमी और अष्टमी को लगातार भरने वाले मां भीमेश्वरी में मेले में खासकर पुलिस जवानों को 24 घंटों की ड्यूटी देनी पड़ती है।

जमकर की खरीदारी
माता भीमेश्वरी देवी के मंदिर परिसर में लगे मेले में माता के दर्शन के लिए आए भक्तों ने अपने बच्चों के लिए खिलौने आदि की जमकर खरीदारी की। वहीं, महिलाओं ने शृंगार व घरेलू सामान की भी खरीदारी की। महिलाएं अपने परिजनों के साथ मंगल गीत गाते हुए माता के दर्शन लिए मंदिर में पहुंची।

प्रशासन ने ली राहत की सांस
बेरी के माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में सप्तमी और अष्टमी के मेले में लाखों श्रद्धालुओं को माता के दर्शन कराना किसी चुनौती से कम नहीं है। इस चुनौती से निपटने के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी व्यवस्था की थी। पुलिस प्रशासन के लिए सारा काम चुनौती पूर्ण था और शांति से निपटने के प्रशासन को राहत मिली है।

मंदिर परिसर में लगा भंडारा
नवरात्र पर्व के अंतिम दिन माता भीमेश्वरी देवी मंदिर में माता के भक्तों के लिए अनेक स्थानों पर भंडारों का भी आयोजन किया गया था। इस दौरान भंडारों में बड़ी संख्या में माता के भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया। बेरी के मेन बाजार में संजय सिंघल द्वारा भंडारे का आयोजन किया गया।
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पैदल और पेट के बल पहुंचे श्रद्धालु
माता भीमेश्वरी देवी के मंदिर में जिन लोगों ने माता से मन्नत मांगी हुई थी। वे श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पैदल, नंगे पैर और पेट के बल मंदिर में पहुंचे। पेट के बल मंदिर में पहुंचने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रशासन की तरफ से माता के दर्शन के लिए अलग से व्यवस्था की गई थी। इतना ही नही बड़ी संख्या में माता के दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के लिए लाइन में खड़े रह कर अपनी बारी आने के इंतजार के लिए जिग-जैग सिस्टम तैयार किया हुआ था।

- लाइटों की दूधिया रोशनी में नहाया मां का मंदिर, गूंजते रहे जयकारे
- तीन दिन में लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में शीश नवाया
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