बादली। राजनीतिक लाभ लेने और अपने-अपने कार्यों का प्रचार प्रसार के लिए राजनेता नया-नया तरीका अपनाते हैं। कोई जनसभा करता है तो कोई इश्तहार व पोस्टर छपवाकर लोगों के बीच हाजरी लगाते हैं। बादली के विधायक एवं कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ ने अनूठा तरीका अपनाते हुए नींबू पेड़ और ताश के पत्तों को वितरित करने का प्रचार जोर-शोर से किया। वहीं दूसरी और ताश खेलने वालों को ताश के पत्ते न मिलने पर निराशा हाथ लगी।
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ के कार्यक्रम पर विपक्ष का दबाव कहा जाए या फिर कुुछ ओर मायने लगाए जाएं। मगर यह सच है कि पिछले करीब 15 दिनों के प्रचार-प्रसार के बाद मंत्री ने ताश के पत्ते वितरित नहीं कर सके। मंत्री स्वयं हलके के अधिकतर गांवों की चौपालों में लोगों को संबोधित कर रहे थे कि हर घर में ताश के पत्ते वितरित किए जाएंगे मगर शनिवार को कार्यक्रम में कहीं भी ताश के पत्ते नजर नहीं आए। हालांकि मंत्री धनखड़ के ताश के पत्तों को बांटने पर विपक्ष की ओर से चुटकी ली जा रही थी। विपक्ष ने ताश पत्ते वितरण में युवाओं को भटकाने वाला प्रयास तक कह दिया। स्वयं पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने ताश वितरण योजना पर कटाक्ष करते हुए कहा कि सरकार काम करेगी तो ताश के पत्तों पर छपवाने की जरूरत नहीं होगी क्योंकि काम होगा तो नजर आ जाएगा। जिसका प्रचार करना आवश्यक नहीं।
ताश खेलने वाले नहीं करते राम-राम
मंत्री धनखड़ ने ग्रामीण सभाओं में संबोधित किया था कि बादली हलके के लोग ताश बहुत खेलते हैं और इस तरह से मग्न हो जाते हैं कि किसी को राम-राम भी नहीं करते। इसी को लेकर उन्होंने सरकार के कार्यों के प्रचार के लिए ताश के पत्तों पर सरकार के विकास कार्य छपवाने का अनूठा विचार बनाया। उन्होंने कहा था कि ताश के सभी 52 पत्तों पर सरकार के अलग-अलग 52 कार्यों का ब्यौरा होगा और नींबू पेड़ के साथ घर-घर वितरित किए जाएंगे।
विरोधियों ने बनाया निशाना
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डाक्टर कुुलदीप वत्स ने कहा कि ताश के पत्ते बांटना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। ताश खेलना हरियाणा की संस्कृति में जरूर है मगर कोई भी परिवार नहीं चाहता कि उनका बच्चा ताश खेले। अगर सरकार ने प्रदेश में कोई काम किया होगा तो प्रत्यक्ष को प्रमाण की जरूरत नहीं होगी और विकास कार्य का परिणाम जनता देगी। इनेलो के प्रदेश प्रवक्ता अजय गुलिया ने भी मंत्री के ताश वितरण कार्यक्रम को युवाओं को भ्रमित करने की पहल बताया। मंत्री ने ताश के पत्तों को बांटने की बात तो कह दी मगर जब 52 काम ही नहीं होंगे तो छपवाएंगे कैसे। सरकार ने एक भी ऐसा नहीं किया जिसका प्रचार किया जा सके जबकि 52 काम तो बहुत दूर की बात हैं।
बोले मंत्री धनखड़
कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ भले गांवों-गांवों में घूमकर नींबू पेड़ वितरण के प्रचार में जुटने के बाद शनिवार को कार्यक्रम की सफलता पर खुश नजर आए। कार्यक्रम में ताश के पत्ते वितरित न होने पर मंत्री धनखड़ ने कहा कि ताश बांटने का विचार बदला गया है। उनका प्रमुख उद्देश्य हर घर नींबू पेड़ पहुंचाना था और अब उन्हें विचार आया कि कहीं ताश के पत्तों में नींबू पेड़ से लोगों का मन न भटक जाए। इसी को लेकर उन्होंने ताश बांटने का इरादा बदल दिया।