हरियाणा के जिले कैथल के इंदिरा गांधी मल्टीस्पेशिएलिटी अस्पताल(आईजीएमएचएच) में प्राइवेट वार्ड समेत सामान्य वार्ड की गलियां मयखानों में तब्दील हो चुकी है।
इसके अलावा ये गैलरियां अस्पताल कर्मियों और मरीजों के फेंके गए कचरों से अटीं पड़ी है। जिला अस्पताल के प्राइवेट वार्ड के लिए मरीजों से किराया तो 250 रुपये वसूला जा रहा है लेकिन उन्हें मुफ्त में मिल रही है तो कमरों की गैलरी से उठ रही बदबू।
इसकी वजह से मरीजों के साथ-साथ उनके तीमारदारों का भी जीना दूभर हो गया है। अस्पताल प्रशासन इन सब से पूरी तरह से अनभिज्ञ है।
जिला अस्पताल में कई कोने मयखानों में तब्दील हैं। यहां रात को शायद जमकर जाम छलकते हैं। इसकी गवाही कोई और नहीं, बल्कि अस्पताल की गैलरियों में पड़ी खाली शराब की बोतलें दे रही हैं।
देशी और अंगरेजी कई प्रकार की शराब की बोतलें व रैपर अस्पताल के वार्डों की गैलरियों में पड़े हुए हैं।
अस्पताल में प्राइवेट वार्ड में दाखिल मरीज के साथ आए शेरगढ़ से ओमप्रकाश, रामगोपाल, लालू कठवाड़ से बुद्धराम ने कहा कि प्राइवेट वार्ड के लिए किराया तो 250 रुपये हर रोज का लिया जा रहा है। लेकिन इन कमरों की गैलरियों में शराब, कोल्ड ड्रिंक्स की बोतलें, मेडिकल कचरा और फैंका हुआ सड़ा खाना पड़ा है।
यह मरीजों को ज्यादा बीमार कर रहा है। साथ में उसके साथ आए लोगों को भी परेशानियां हो रही हैं। बुधराम ने कहा कि यहां कोई सुनवाई नहीं है। चार दिनों से शौचालय की सफाई नहीं हुई और न ही चार दिनों से मरीज की चादरें बदली जा रही हैं। न जाने कितने महीनों से गैलरियों में यह कचरा सड़ रहा है।
बदबू और सड़ांध से लोग परेशान
प्राइवेट वार्डों के अलावा सामान्य वार्डों में भी स्थिति सामान्य नहीं है। यहां भी गैलरियों में ग्लूकोस की खाली बोतलें, कोल्ड ड्रिंक्स और शराब की बोतलें महीनों से सफाई न होने की गवाही दे रही हैं। इससे उठने वाली बदबू से लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मरीजों के तीमारदार जहां इसकी सफाई की मांग कर रहे हैं। वहीं काफी हद तक लोग भी इसके जिम्मेवार नजर आ रहे हैं। जो बची-खुची खाद्य वस्तुएं और चाय आदि के खाली कप गैलरी में फेंक देते हैं। ऐसे में नुकसान किसी और का नहीं मरीजों का ज्यादा हो रहा है। महिला वार्ड में दाखिल मरीज के साथ आई बुजुर्ग महिला ने कहा कि इस बदबू ने उनका बैठना दूभर कर दिया है।