शनिवार को हिसार के नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवा परिजनों के हवाले कर दिया। बास थाना पुलिस ने पिकअप चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया था। बता दें कि रोबिन मजदूरी का काम करता था। वह तीन बहनों का इकलौता भाई था। उसकी करीब डेढ़ साल पहले ही शादी हुई थी। रोबिन का ढाई महीने का एक बेटा है। वहीं रोबिन के पिता लकवे के कारण काम करने में असमर्थ हैं। उसकी मां भी काफी बीमार रहती है।
पुलिस को दिए बयान में गांव मोहला निवासी अनिल ने बताया है कि 11 दिसंबर को गांव के रजबाहे के पास मनरेगा का काम चल रहा था। सुबह करीब सवा दस बजे रजवाहे से कुछ दूरी पर उन्हें हादसा होने की आवाज सुनाई दी। जब उन्होंने नजदीक जाकर देखा तो उसका भतीजा रोबिन सड़क पर लहूलुहान पड़ा था। रोबिन की बाइक टूटी हुई हालात में सड़क किनारे पड़ी थी। मौके पर हादसा करने वाली पिकअप गाड़ी खड़ी थी। अनिल का आरोप है कि पिकअप गाड़ी के चालक ने तेज गति व लापरवाही से गाड़ी चलाकर रोबिन की बाइक को टक्कर मारी है। इसके बाद वो वाहन का प्रबंध करके रोबिन को हिसार के एक निजी अस्पताल में ले गए जहां पर इलाज के दौरान शनिवार को उसकी मौत हो गई।