सिरसा। पकड़े गए दोनों आरोपी पुलिस टीम के साथ। पुलिस
सिरसा। 23 जुलाई से लापता भंगू निवासी गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी को रेड जोन ग्रुप प्रधान बनाने की बात कहकर घर से ले जाया गया और हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में गांव भंगू के जगविंद्र उर्फ जग्गी , बलकार व गुरप्रीत को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी संदीप उर्फ लीला के अलावा सुनील, प्रीत उर्फ सुखा, लखविंद्र उर्फ लक्की अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
सीआईए थाना प्रभारी धर्मवीर सिहं ने बताया कि 23 जुलाई को भंगू निवासी बलकरण सिंह ने थाना बडागुढा में शिकायत दी थी, कि उसका बेटा गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी कई दिनों से लापता है। परिजनों व रिश्तेदारों से खोजबीन के बाद भी कोई पता नहीं लगने पर थाना में उक्त अभियोग दर्ज किया गया। प्रारंभिक जांच में गुमशुदा की तलाश के प्रयास किए गए, किंतु सफलता नहीं मिली। 9 अगस्त को मामला सीआईए ऐलनाबाद को सौंपा गया।
जांच के दौरान 13 अगस्त को शिकायतकर्ता बलकरण सिंह ने बताया कि उसके बेटे को गांव का सुभाष उर्फ बग्गी मोटरसाइकिल पर सिरसा ऑटो मार्केट स्थित ताउ के बेटे रामपाल उर्फ रामू की गुरुनानक मोटर गैरिज पर ले गया था। इस बात की पुष्टि शिकायतकर्ता के भाई जसकरण सिंह ने भी की थी। गवाहों के बयान दर्ज करके मुकदमे में अन्य धारा जोड़ते हुए कार्रवाई शुरू की गई।
14 अगस्त को दोनों आरोपियों सुभाष उर्फ बग्गी व रामपाल उर्फ रामू को काबू किया था। जांच के बाद दोनों आरोपियों ने बताया कि वह मृतक गुरप्रीत को रेड जोन ग्रुप का प्रधान बनाने के नाम पर घर से लेकर आए थे। इसके बाद मृतक को ऑटो मार्केट में एक गैरेज पर ले गए, जहां संदीप उर्फ लीला पहले मौजूद था।
उन्होंने डबवाली में डबल मर्डर मामले के आरोपी को घर पर पनाह देने का कहकर मृतक गुरप्रीत के साथ मारपीट की। उसके बाद उसे नटार गांव में जगविंद्र की ढाणी ले गए, जहां से उसे मारपीट के बाद मारकर राजकनाल नहर में फेंक दिया है। पुलिस ने मामले में जांच करते हुए आरोपी जगविंद्र उर्फ जग्गी , बलकार व गुरप्रीत को गिरफ्तार किया कर लिया है। सीआईए टीम का कहना है कि इस मामले में अन्य आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार किया गया ।