महाबीर स्टेडियम में हुए जिलास्तरीय कार्यक्रम में करीब ढाई हजार लोगों ने योग किया। हालांकि 15 हजार लोगों के आने की उम्मीद जताई जा रही थी। बच्चों की संख्या अधिक थी। करीब 2100 प्रशिक्षित विद्यार्थियों को पहले ही शिविर के लिए तैयार किया गया था। बच्चों के साथ शिविर में महिलाएं और बुजुर्ग भी काफी संख्या में दिखे।
बच्चों के योगा करतब ने मोहा मन
छोटे-छोटे बच्चों ने योगा के करतब दिखाकर स्टेडियम में मौजूद लोगों को दांतों तले अंगुली दबाने पर मजबूर कर दिया। बच्चों ने कई महीनों के कड़े अभ्यास के बाद मंगलवार को योगासन क्रियाओं के करतब दिखाए। बच्चों की टीमों ने शरीर को जिस तरह से मोड़ा, सब देखते ही रह गए। इसके साथ ही उनकी बैलेंस बनाने की कला ने भी उपस्थित साधकों का मन मोह लिया।
नाममात्र थे युवा, कुछ दूूर बैठे देखते रहे
योग शिविर में नाममात्र के युवा ही आए। इनमें से कुछ ने साधकों के साथ योग किया तो अधिकतर दूर सीढ़ियों पर बैठकर योगाभ्यास करने वाले लोगों को देखते रहे।
पतंजलि के शिक्षकों ने सिखाया योग
पूरे शहर में जगह-जगह लगाए गए योग शिविरों में पतंजलि के शिक्षकों ने योग सिखाए। पतंजलि के वरिष्ठ सदस्य मुनीराम आर्य और प्रकाश चौधरीवास ने गुरु जंभेश्वर विवि में, महेंद्र सिंह मलिक ने सेक्टर 9-11 में, राजेश चौधरीवास ने कैंट में, अनिल मोहला ने एचएयू में, सुखवीर मय्यड़ ने राष्ट्रीय अश्व केंद्र में, शहर की दोनों जेलों में पतंजलि के योग शिक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय दिवस पर योग सिखाया। जिले के हर खंड और हर गांव में योग शिक्षकों ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस को मनाने में अहम भूमिका अदा की।