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हांसी में नप की डोर होगी महिला के हाथ

Fri, 01 Jan 2016 01:09 AM IST
अमर उजाला हिसार/ब्यूरो
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हांसी नगर परिषद की कमान इस बार महिला के हाथ होगी। चंडीगढ़ में वीरवार को चेयरमैनी के लिए निकाले गए ड्रा में महिला का नाम निकला है।
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लाजिमी है कि इस बार चेयरमैन का ख्वाब देख रहे तमाम पुरुष फाइट से बाहर हो गए है। कईयों को खट्टर सरकार की दसवीं की अनिवार्यता ने बाहर कर दिया तो रही सही कसर ड्रा ने निकाल दी।

इसी के साथ ये पहला अवसर होगा जब सर्वाधिक महिलाएं नगर परिषद हाऊस में पहुंचने का ख्वाब देख सकेगी। शहर में इस बार नई वार्डबंदी के बाद दो वार्डों का इजाफा किया गया है।
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27 वार्डों में से 9 वार्ड पहले ही महिलाओं के लिए आरक्षित हो चुके है। आरक्षित के अलावा कई अन्य वार्डों में इस बार इसलिए महिलाओं का पदार्पंण माना जा रहा था क्योंकि वहां के पूर्व पार्षद दसवीं की शर्त से मात खा गए थे।

ऐसी सूरत में अब ये पूर्व पार्षद अपनी पत्नियों को चुनावी मैदान में उतारने की जुगत में जुटे है। रही सही कसर महिला चेयरमैनी के आरक्षित होने पर पूरी हो गई। बदले हुए समीकरण में हर तरफ महिलाओं का ही जलवा रहने की उम्मीद है।

आरक्षण को ठीक से समझे
नगर परिषद चेयरमैन की कुर्सी सामान्य महिला के लिए आरक्षित होने के मायने को गहराई से समझना बेहद जरूरी है।

नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी अत्तर सिंह खनगवाल के मुताबिक आरक्षण बेशक सामान्य महिला के लिए किया गया है लेकिन इसका अर्थ ये कतई नहीं है कि किसी वार्ड से जीतने वाली अनुसूचित जाति अथवा पिछड़ी जाति की महिला इस दौड़ में शामिल नहीं हो सकेगी।

चुन कर आने वाली महिला किसी भी जाति से संबंध रखती हो, उचित संख्या पक्ष में हो तो चेयरमैनी की दौड़ में हिस्सा ले सकती है।

ऐसा भी पहली बार
ऐसा भी पहली बार हो रहा है जब हांसी की विधायक भी महिला है और नगर परिषद चेयरमैन भी महिला होगी। कुल मिला कर हांसी की बागडोर दो काबिल महिलाओं के हाथ में रहेगी। कहा जा सकता है कि नारी सशक्तीकरण का अनूठा उदाहरण हांसी से बेहतर कहीं नहीं मिलेगा।

ये रहेंगे वोट समीकरण
नगर परिषद के 27 वार्डों में कुल वोटर संख्या 56214 है। इनमें महिला वोटरों की संख्या 25244 है जबकि पुरूष मतदाता 30970 है। ऐसे में 100 पुरुषों के अनुपात में 81 महिला वोटर रहेंगी। सबसे ज्यादा वोट वार्ड नंबर 22 में है।

यहां कुल वोट 2959 है। जाहिर है कि महिला वोटरों की संख्या भी इसी वार्ड में सबसे ज्यादा 1454 है। वहीं सबसे कम वोट वार्ड नंबर 16 में है।

यहां कुल वोट 1103 है जिसमें से महिला वोटर महज 503 है। हालांकि लिंगानुपात कम है लेकिन ये सुनहरी अवसर होगा जब चुनाव के बहाने महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

क्या कहती है महिलाएं
हजकां नेत्री संतोष ढुल का कहना है कि महिलाओं को राजनीति में आने के लिए ये सुनहरा अवसर होगा। सरकारें सशक्तिकरण की बात करती है लेकिन काम नहीं होता था।

चांस बैठ गया है कि महिलाओं को राजनीति में आने के लिए प्रेरित किया जा सके। वहीं नगर परिषद की पूर्व चेयरमैन रही पिंकी गाबा का कहना है कि महिलाओं के लिए ये गोल्डन चांस होगा।
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दो बार पार्षद रह चुकी पिंकी गाबा कहती है तो अगर वे तीसरी बार चुनाव लड़ी तो शहर में रह कर जनता की सेवा करेगी।

तब से लेकर अब तक
हांसी नगर परिषद में अब तक चेयरमैन की कुर्सी पर 19 लोग बैठ चुके है। नगर परिषद से पहले यहां नगर पालिका होती थी।

बड़ी बात यह है कि नगर परिषद की चेयरमैनी पहली बार महिला के लिए आरक्षित हुई है, बावजूद इसके अब से पहले चार महिलाएं चेयरमैन की कुर्सी को सुशोभित कर चुकी है।
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