हिसार। शहर की एक महिला ने अपने पति पर बेटे के अपहरण का प्रयास करने और ससुराल पक्ष पर दहेज प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत पर आजाद नगर थाने ने प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी 5 मार्च 2018 को फतेहाबाद निवासी युवक से हुई थी। आरोप है कि शादी के एक सप्ताह बाद ही ससुराल पक्ष के लोग छोटी-छोटी बातों को लेकर उसे परेशान करने लगे। महिला का कहना है कि उससे 10 लाख रुपये और एक कार की मांग की गई। मांग पूरी न होने पर उसके साथ मारपीट की गई और कई-कई दिनों तक उसे भूखा रखा गया।
गर्भावस्था में जबरन यात्रा, तेज रफ्तार कार से हुआ गर्भपात
महिला ने शिकायत में बताया कि सितंबर माह में जब वह गर्भवती हुई तो महिला चिकित्सक ने उसे आराम करने और यात्रा से बचने की सलाह दी थी। इसके बावजूद उसका पति जबरदस्ती उसे घूमने के लिए बाहर ले गया और रास्ते में तेज रफ्तार से कार चलाई। इससे उसका गर्भपात हो गया। महिला का आरोप है कि इसके बाद वह कई दिनों तक गंभीर रूप से बीमार रही।
दोबारा गर्भवती हुई तो मायके भेजा
महिला ने बताया कि वर्ष 2019 में जब वह दोबारा गर्भवती हुई तो ससुराल पक्ष के लोगों ने उसे डिलीवरी के लिए मायके भेज दिया। 22 जुलाई 2019 को उसके ससुर का फोन आया और कहा गया कि पंडित ने सलाह दी है कि 23 जुलाई से पहले डिलीवरी करानी होगी। महिला के परिजनों ने इस बात से इंकार कर दिया। इसके बाद 25 जुलाई 2019 को महिला ने एक बेटे को जन्म दिया। आरोप है कि 15 दिन तक उसका पति और ससुराल पक्ष का कोई भी सदस्य बच्चे को देखने नहीं आया। जब कारण पूछा गया तो कहा गया कि पंडित ने 15 दिन तक मुंह देखने से मना किया है। इसके बाद महिला का पति उसे और उसके बेटे को अपने साथ ले गया। कुछ दिन तक सब ठीक रहा और फिर से मारपीट करने लगे। जब वह नहीं माना तो वह परेशान होकर अपने घर आ गई। महिला का आरोप है कि उसका पति उसके बेटे का अपहरण करना चाहता है। स्कूल जाते वक्त उसके बेटा का कई बार अपहरण करने का प्रयास किया गया है। आजाद नगर थाने के एसएचओ दलबीर ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।