गांव मनोहरपुर में शनिवार को शराब के ठेकेदार ने खेत में फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की जेब से बरामद सुसाइड नोट में सहयोगी चार शराब ठेकेदारों को मौत का जिम्मेदार ठहराया गया है।
सदर थाना पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर चार शराब ठेकेदारों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।
गांव मनोहरपुर निवासी शराब ठेकेदार सुमेर का शव शनिवार को खेत में पेड़ से लटकता मिला। सुमेर शनिवार सुबह घर से खेत के लिए निकला था। घटना की सूचना पाकर सदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में ले लिया। मृतक की जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ है।
पुलिस ने मृतक के भाई तेजबीर की शिकायत पर जगदीश, नरेश, नीका उर्फ रणबीर और जगता के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज किया है।
क्या लिखा है सुसाइड नोट में
सुसाइड नोट में कहा गया है कि जगता खोखरी से 35 लाख और सुमेर बरसानिया से 15 लाख रुपये लाकर जगदीश को दिए। जो अब जगदीश ने देने है। जितेंद्र राठी और राजेंद्र कोच से 45 लाख रुपये लाया व नरेश को दिए। नीका रणबीर निर्जन को 14 लाख रुपये दिए। अब इनसे मांगता हूं तो मुझे मारने की धमकी देते हैं।
जगदीश कहता है कि मैंने मेरा भाई ही मार दिया तन्ने तो छोडूंगा नहीं। एक महीने से जब भी रुपये मांगता हूं तो मुझे यही धमकी मिलती है। इसलिए मरने के सिवाय कोई रास्ता नहीं है। मेरी मौत के जिम्मेदार ये जगदीश पुत्र रामसिंह गांव मनोहरपुर, नरेश पुत्र कर्णा पोकरीखेड़ी व निका रणबीर मास्टर गांव निर्जन हैं। नीचे मृतक ने अपने हस्ताक्षर किए हुए हैं।