बस स्टैंड पर लॉकल बसों के चलने के इंतजार में यात्रियों की जमा भीड़।
हिसार। रोडवेज कर्मचारियों की गेट मीटिंग और विरोध प्रदर्शन के चलते सोमवार को हिसार रोडवेज डिपो की 150 बसों के पहिए थम गए। इसका असर जिले के 27 लोकल रूटों पर पड़ा और सुबह से दोपहर दो बजे तक बसों का संचालन बंद रहा। बसें नहीं चलने से यात्रियों को बस स्टैंड पर घंटों भटकना पड़ा जबकि रोडवेज डिपो को भी भारी नुकसान उठाना पड़ा।
जिला हिसार रोडवेज डिपो के पास कुल 259 बसें हैं। इनमें से 150 बसें जिले के विभिन्न लोकल रूटों पर संचालित होती हैं। सोमवार को रोडवेज कर्मचारी यूनियन के साझा संघर्ष मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न मांगों को लेकर हिसार रोडवेज वर्कशॉप में गेट मीटिंग आयोजित की गई। इसमें चालक और परिचालकों सहित रोडवेज कर्मचारियों ने हिस्सा लिया।
प्रदर्शन के कारण 150 चालक-परिचालकों ने बसों का संचालन नहीं किया। इससे जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में चलने वाली लोकल बस सेवाएं दोपहर दो बजे तक ठप रहीं। रोडवेज पूछताछ केंद्र पर दिनभर यात्री बसों के संचालन को लेकर जानकारी लेते रहे। बसें नहीं मिलने से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो गई। गेट मीटिंग समाप्त होने के बाद चालक-परिचालक ड्यूटी पर लौट आए और सभी रूटों पर बसों का संचालन शुरू कर दिया गया।
इन रूटों पर रही सबसे ज्यादा परेशानी
उकलाना, भूना, अग्रोहा और आदमपुर रूट पर बसों का संचालन बंद रहने से यात्रियों को सबसे अधिक दिक्कत उठानी पड़ी। हिसार डिपो से मुख्य रूप से इन्हीं रूटों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बसें संचालित होती हैं। बसें नहीं मिलने पर यात्रियों को प्राइवेट बसों और अन्य साधनों का सहारा लेना पड़ा।
दोपहर तक ग्रामीण रूट प्रभावित रहे, लेकिन दोपहर बाद स्थिति सामान्य हो गई। चालक और परिचालकों के प्रदर्शन में शामिल होने के कारण यह दिक्कत आई।
- आत्माराम, डीआई, रोडवेज डिपो हिसार।