पानीपत के खरीद केंद्रों पर मूल सुविधाओं का संकट
पानीपत में गेहूं की खरीद के लिए 12 केंद्र बनाए गए हैं। मंडियों में व्यवस्था काफी हद तक हो चुकी है, लेकिन खरीद केंद्रों पर अभी मूलभूत समस्याएं बनी हुई हैं। खरीद केंद्रों पर झाड़ू भी नहीं लगी है। अधिकारियों का दावा है कि बारदाने की कोई कमी नहीं है। आवश्यकता पड़ने पर बारदाने का और इंतजाम किया जाएगा।
हिसार में अभी खाली नहीं हुए शेड
हिसार जिले में गेहूं खरीद को लेकर मार्केट कमेटी के अधिकारियों ने तैयारियां पूरी कर ली हैं। हालांकि अभी मंडी में शेड को पूरी तरह खाली नहीं किया गया है। मार्केट कमेटी के मंडी सुपरवाइजर अशोक कुमार ने बताया कि गेहूं खरीद को लेकर सभी तैयारियां हो चुकी है। हिसार की मंडी के अलावा बालसमंद और कैमरी में भी गेहूं की खरीद की जाएगी। फतेहाबाद में लाइटों के प्रबंध अभी कराए जा रहे हैं।
केवल घोषणाएं करने में लगी है प्रदेश सरकार : सैलजा
कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने आरोप लगाया है कि मंगलवार से प्रदेश में गेहूं की खरीद शुरू होनी है पर अभी तक कोई तैयारी नहीं है, बारदाना और गेंहू उठान के लिए अभी तक टेंडर तक जारी नहीं किए गए हैं। मंडियों में न तो पीने के पानी का उचित प्रबंध हैं और न ही स्ट्रीट लाइटें ठीक की गई हैं। प्रदेश सरकार अभी तक केवल घोषणाएं करने में लगी है, जबकि धरातल पर कुछ भी नजर नहीं आ रहा है। सरकार को इस दिशा में कठोर कदम उठाना चाहिए और किसानों की सुविधाओं को ध्यान में रखना चाहिए।
दो-तीन जिलों में उठान का टेंडर होना बाकी : जोगपाल
राजेश जोगपाल ने बताया कि राज्य में बारदाने की कमी नहीं है। दो-तीन जिलों को छोड़ बाकी सभी जगह उठान के टेंडर फाइनल हो चुके हैं। सिर्फ दरें राज्य समिति की ओर से स्वीकृत की जानी हैं। जब तक नया टेंडर नहीं होता, तब तक पुराने टेंडर का ठेकेदार ही उठान जारी रखेगा। उन्होंने बताया कि सरकार ने खरीद सीजन के लिए 6653.44 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट की स्वीकृति दे दी है। बैंकर्स को निर्देश दि गए हैं कि मंडियों से निकासी गेट पास जारी होने के 48 से 72 घंटे के अंदर किसानों के खाते में भुगतान कर दिया जाए। राजेश जोगपाल ने सोमवार को खरीद एजेंसियों एफसीआई, हैफेड और वेयर हाउस कार्पोरेशन के अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।