हर जिले में स्थापित किए जा रहे हैं मेडिकल कॉलेज
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि महाराजा अग्रसेन मेडिकल कॉलेज पिछले 36 वर्षों से रोगियों की महान सेवा कर रहा है। इस समय यहां पर एमबीबीएस की 100 सीटें व पीजी की 85 सीटें हैं। यहां की ओपीडी में हर साल 5 लाख से अधिक यहां मरीज आते हैं, जो इस मेडिकल कॉलेज से लाभ लेते हैं। महाराज अग्रसेन एक महान विभूति थे। इन्होंने हजारों साल से इसी अग्रोहा की वैभवशाली राजधानी से पूरे संसार को लोकतंत्र, आपसी प्रेम और अहिंसा का संदेश दिया था। उनका गणतंत्र दुनिया के सबसे बड़े गणतंत्र भारत की नींव है। महाराजा अग्रसेन ने ऐसी परंपरा डाली थी, जो भी परिवार अग्रोहा में रहने आए, उसे यहां के लोग एक ईंट व एक रुपया देंगे, जिससे बाहर से आने वाले परिवार के पास एक लाख ईंट व एक लाख रुपये इकट्ठे जाते थे। इससे वह यहां रहने के लिए अपना मकान व रोजगार भी खुशहाली से करता था। हमें खुशी हैं कि हमने उनकी शिक्षाओं व सिद्धांतों की याद बनाए रखने के लिए हवाई अड्डे का नाम भी महाराजा अग्रसेन के नाम पर रखा है।
प्रधानमंत्री ने देश को मेडिकल हब बनाने का विजन रखा है, इसके लिए पर्याप्त संख्या में चिकित्सकों व पैरामेडिकल का होना जरूरी है। इसके लिए हम हर जिले में एक मेडिकल कॉलेज स्थापित कर रहे हैं। इस समय प्रदेश में मेडिकल कॉलेजों की संख्या 15 हो गई है। इसमें से 9 कॉलेज पिछले 10 वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में खुले हैं और 9 निर्माणाधीन हैं। इनके अलावा बाढ़सा जिला झज्जर में राष्ट्रीय कैंसर संस्थान खोला गया है। वहीं माजरा जिला रेवाड़ी में एम्स स्थापित किया जा रहा है। मैंने बजट प्रस्तुत किया है। इसमें स्वास्थ्य का बजट 9931 करोड़ रुपये के बजट को बढ़ाकर 10159 करोड़ रुपये किया है। अगले वित्त वर्ष में पंचकूला, पानीपत, फरीदाबाद, सोनीपत, पलवल, सिरसा, कैथल व महेंद्रगढ़ में मेडिकल कॉलेज और नूंह में अति आधुनिक मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र स्थापित किए जाएंगे।