हरियाणा के दक्षिणी जिलों में बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि शुक्रवार को उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके असर से उत्तरी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा।
मानसून टर्फ वीरवार को राजस्थान पर ही बनी रही। राजस्थान पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र कमजोर होकर पाकिस्तान की तरफ बढ़ गया। इसका असर यह हुआ कि प्रदेश में बारिश की गतिविधियां कम दर्ज की गईं। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो शुक्रवार को एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिससे बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होगी।
विज्ञापन
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि वीरवार को मानसून टर्फ के हरियाणा पर आने की संभावना थी। हालांकि वह राजस्थान पर ही बनी रही। इस दौरान मानसून टर्फ बीकानेर, दतिया, दक्षिणी पूर्वी उत्तर प्रदेश पर बने डिप्रेशन के केंद्र, डेहरी, पुरुलिया, दीघा से लेकर होकर उत्तर पूर्व बंगाल की खाड़ी तक फैली रही।
इस कारण से सिर्फ प्रदेश के दक्षिणी जिलों में बारिश की गतिविधियां दर्ज की गईं। डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि शुक्रवार को उत्तर पर्वतीय क्षेत्रों पर एक पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जिसके असर से उत्तरी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। इसके साथ ही इलाहाबाद पर बना कम दबाव का क्षेत्र अगले 24 घंटे में एनसीआर के पास से गुजरेगा। इनके असर से बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। ये गतिविधियां 21 जुलाई तक जारी रहेंगी।