प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद अब पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता से मौसम एक बार फिर बदलने जा रहा है। शनिवार (26 सितंबर) की रात से राज्य के मौसम में परिवर्तन देखने को मिलेगा, जिसके चलते 27 से 29 सितंबर तक प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी के आसार हैं। इस मौसमी बदलाव से दिन के तापमान में हल्की गिरावट आएगी और लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। 30 सितंबर से मौसम दोबारा पूरी तरह शुष्क हो जाएगा।
इन जिलों में रहेगा असर
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का सबसे अधिक प्रभाव प्रदेश के उत्तरी और जीटी बेल्ट के जिलों में देखने को मिलेगा। पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, पानीपत और सोनीपत में तेज हवाओं व गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा पश्चिमी और दक्षिणी हरियाणा के कुछ क्षेत्रों में भी छिटपुट बूंदाबांदी या हल्की बौछारों की संभावना जताई गई है।
हवाओं की दिशा बदलने से गिरेगा पारा
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (HAU), हिसार के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एमएल खीचड़ ने बताया कि मानसून की वापसी के बाद पिछले एक सप्ताह से मौसम शुष्क बना हुआ था, जिससे दिन के तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की गई थी। अब पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण हवाओं का रुख बदलकर पश्चिमी से पूर्वी होने की संभावना है। इस बदलाव से 27 से 29 सितंबर के दौरान दिन के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी।
किसानों के लिए सलाह
कृषि वैज्ञानिकों ने किसानों को मौसम के इस पूर्वानुमान को ध्यान में रखकर ही कृषि कार्य करने की सलाह दी है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यह संभावित बारिश आगामी रबी फसलों की तैयारी और बिजाई के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है, लेकिन खेतों में पककर तैयार धान की फसल की कटाई और मंडियों में खुले में पड़ी उपज पर इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है। इसलिए किसान कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखने की व्यवस्था जरूर करें।