हिसार में प्रदूषण का स्तर मापने की मशीन अर्बन एस्टेट टू में स्थित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय की छत पर लगी हुई है। यह मशीन वही स्थिति दिखाती है, जो इसके आसपास होती है। रविवार को कार्यालय के आसपास एक निजी कंपनी की दमकल की गाड़ी की मदद से पानी का छिड़काव किया गया।
पिछले पांच दिनों से शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) का स्तर गंभीर स्थिति में है। यही नहीं पीएम 2.5 अपने अधिकतम 500 के आंकड़े को छू गया है। मगर प्रशासन लोगों को इससे राहत दिलाने के लिए कोई कदम नहीं उठा रहा है और उसने शहर की 4 लाख की आबादी को भगवान भरोसे ही छोड़ रखा है। उधर, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड मशीन में एक्यूआई कम दिखाने के लिए कार्यालय के आसपास पानी का छिड़काव करवा रहा है।
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1 नवंबर को शहर का एक्यूआई 400 के स्तर से ऊपर चला गया था। तब से यह 400 के ऊपर ही बना हुआ है। इससे लोगों को स्वास्थ्य पर काफी बुरा असर पड़ रहा है। मगर जिला प्रशासन इस तरफ आंख मूंदकर बैठा हुआ है। एक्यूआई में शामिल पीएम 2.5 का स्तर भी अधिकतम 500 के स्तर पर पहुंच गया है। पीएम 2.5 स्वास्थ्य के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक है, क्योंकि इसके कण इतने बारीक होते हैं कि वे सांस के साथ नाक के माध्यम से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं और फिर फेंफड़ों से चिपक जाते हैं।
अर्बन एस्टेट टू स्थित कार्यालय की छत पर लगी है मशीन
प्रदूषण का स्तर मापने की मशीन अर्बन एस्टेट टू में स्थित राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के कार्यालय की छत पर लगी हुई है। यह मशीन वही स्थिति दिखाती है, जो इसके आसपास होती है। रविवार को कार्यालय के आसपास एक निजी कंपनी की दमकल की गाड़ी की मदद से पानी का छिड़काव किया गया। वहां मौजूद बोर्ड के कर्मचारी ने बताया कि यहां मशीन लगी हुई है। पानी के छिड़काव के कारण कार्यालय के आसपास छाए धुएं में कमी आएगी, जिससे मशीन में दिखाए जा रहे एक्यूआई के स्तर में भी गिरावट आएगी।
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जिला प्रशासन ने आंखें मूंदी
जिला प्रशासन इस मामले में अपनी आंखें मूंदकर बैठा है। लोगों को राहत दिलवाने के लिए कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। शहर में निर्माण कार्य लगातार जारी रही, जिस कारण काफी धूल मिट्टी उड़कर वातावरण में मिल रही है। इसके अलावा शहर में जगह-जगह कूड़ा जलाया जा रहा है। इससे भी काफी जहरीली गैसें हवा में मिल रही हैं।