अंबाला सेंट्रल जेल में कैदी-बंदियों के नेटवर्क के आगे सुरक्षा के तमाम दावे दम तोड़ जाते हैं। यहां पहले तो मोबाइल मिलने का सिलसिला चलता था। अब नशे ने भी पैर पसार लिए हैं। हत्या, चोरी और धोखाधड़ी के मामलों में कैदी औद बंदी जेल के भीतर से संदेश पहुंचाते हैं और मोबाइल पहुंच जाता है। शनिवार सुबह जेल प्रशासन की ओर से चलाए सर्च अभियान में इस तरह के मामले सामने आए। पांच हवालाती बंदियों से 11 मोबाइल, चार चार्जर, तीन सिम कार्ड और 78 नशीली गोलियां बरामद कीं। सेंट्रल जेल डीएसपी प्रिंस कुमार के नेतृत्व में टीमों ने बैरकों को खंगाला।
बता दें कि गुप्त सूचना के आधार पर इंचार्ज हेड वार्डर सुरेश कुमार को पता लगा कि खाली चक्की नंबर-9 के बाहर से तीन पैकेट फेंके गए हैं। चक्कर इंचार्ज ने इसकी सूचना डीएसपी नीलम को दी। इसके बाद एक टीम गठित हुई। बलदेव नगर पुलिस ने हवालाती बंदी कमलजीत, ऋषभ, शुभम, पुनीत और रजत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सिम और आरोपियों से पूछताछ के दौरान फेंकने वालों पर शिकंजा कसने की बात कही गई।
बंदियों बोले- बाहर से फेंके गए थे तीन पैकेट
डीएसपी प्रिंस ने बताया कि पुलिस की टीम ने हवालाती बंदी रजत और पुनीत को खाली चक्की नौ की दीवार से कूदते देखा। दोनों की तलाशी ली तो कैदी रजत के कब्जे से दो मोबाइल और एक सिम कार्ड मिला। दूसरे पैकेट से नशे की गोलियां मिलीं। पूछताछ में बताया कि ये तीन पैकेट बाहर से फेंके थे। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि इनमें से दो पैकेट बंदी कमलजीत, शुभम और ऋषभ को दिए हैं। टीम ने उक्त बंदियों को भी पकड़ लिया। हवालाती बंदी कमलजीत से चार मोबाइल, दो चार्जर, दो सिम कार्ड, हवालाती बंदी ऋषभ से दो मोबाइल, दो चार्जर और हवालाती बंदी शुभम से एक मोबाइल, बंदी रजत और पुनीत से दो मोबाइल और एक सिम कार्ड बरामद किया। दो पैकेट से नशे की गोलियां भी बरामद हुई हैं।
सवाल : रास्ता बंद, कहां से आ रहे मोबाइल
मोबाइल और नशा मिलने का सिलसिला बंद नहीं होने पर जेल प्रशासन की ओर से साथ से सेक्टरों को जाने वाले मुख्य रोड को बंद कर दिया है। अर्से से ये रोड बंद है। पहले देखा जाता था कि रोड से गुजरते समय लोग आसानी से मोबाइल जेल की दीवार के दूसरी तरफ फेंक देते थे। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि आखिर रोड बंद होने के बावजूद कैसे मोबाइल के पैकेट भीतर पहुंचे। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से बंद किए गए इस रास्ते के बंद करने के लोगों को परेशानी हो रही है, बावजूद जेल में मोबाइल फेंकने का सिलसिला थम नहीं रहा।
अधिकारी के अनुसार
कुछ दिन पहले रैली निकलने के लिए दो दिन रास्ता खुला था। हो सकता है कि उस दौरान पैकेट फैंके गए हो। सूचना मिलते ही सर्च अभियान में मोबाइल, नशे की गोलियां और चार्जर बरामद किए हैं। समय-समय पर जेल में सर्च अभियान चलाया जाता है।
-सतविंद्र गोदारा, जेल अधीक्षक, सेंट्रल जेल, अंबाला।