हिसार। निर्माण मजदूरों ने सरकार पर अपनी मांगों की अनदेखी का आरोप लगाया है। इन मांगों को पूरा करवाने के लिए 20 मार्च को उपायुक्त कार्यालय पर बेमियादी पड़ाव लगाने का निर्णय लिया गया। इसके लिए भवन निर्माण कामगार यूनियन जिला कमेटी ने ऑनलाइन बैठक की। इसमें राज्य महासचिव राममेहर समेत कई प्रांतीय पदाधिकारी भी शामिल हुए।
संचालन करते हुए यूनियन के जिला सचिव मनोज कुमार सोनी ने बताया कि श्रम कल्याण बोर्ड में पंजीकृत निर्माण मजदूरों के आश्रितों की छात्रवृत्ति आवेदन पत्र भरने की अंतिम तिथि 31 मार्च है। इसके बावजूद हजारों निर्माण मजदूर अब भी 90 दिन के काम की पर्ची पाने के लिए भटक रहे हैं। श्रम विभाग के निरीक्षक, पंचायत सचिव, पटवारी सहित अन्य अधिकारी निर्माण मजदूर के काम की पर्ची को सत्यापित नहीं कर रहे हैं। इसके विरोध में यूनियन ने 18 दिसंबर 23 और 18 जनवरी को भी उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया था।
तब श्रम विभाग के अधिकारियों से बातचीत हुई थी, जिसमें समस्या सुलझाने का आश्वासन दिया गया था लेकिन तीन महीने से ज्यादा समय बाद भी निर्माण मजदूर की समस्याएं नहीं सुलझी हैं। इन परिस्थितियों में यूनियन ने 18 मार्च को दो दिवसीय पड़ाव लगाने का नोटिस श्रम विभाग को दिया था। फिर भी मांग पूरी नहीं हुई। ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला प्रधान राजू बरवाला ने बताया कि अब 20 मार्च से उपायुक्त कार्यालय पर बेमियादी पड़ाव लगाया जाएगा। निर्माण मजदूर के काम की पर्ची के सत्यापन सहित अन्य मांग पूरी होने तक यह पड़ाव जारी रहेगा।