रोडवेज की बस के लिए अब आपको इंतजार नहीं करना होगा। आप अपने घर पर बैठकर ही बस की लोकेशन जान सकेंगे। बस की लोकेशन के साथ उसकी स्पीड की पता कर सकेंगे। जिससे यह मालूम हो सकेगा कि बस कब कहां पहुंचेगी।
रोडवेज की ओर से बसों में व्हीकल ट्रैकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगाने का फैसला लिया गया है। यह सिस्टम ग्लोबल पोजशनिंग सिस्टम यानी जीपीएस पर आधारित होगा। रोडवेज की सभी बसों में जीपीएस लगाया जाएगा। इससे उसकी सही लोकेशन सेटेलाइट के जरिये संबंधित विभाग के सर्वर रूम तक पहुंच जाएगी। रोडवेज की वेबसाइट पर सभी बसों की लोकेशन विभाग की वेबसाइट पर देखी जा सकेगी।
जानकारी के अनुसार रोडवेज के बेड़े में शामिल करीब 3700 बसों पर इसे लागू किया जाएगा। हिसार में 206 बसों में यह लागू होगा। सहकारी समितियों की 2 हजार बसों में भी यह नियम लागू होगा। इस प्रोजेक्ट की शुरुआत एनसीआर के जिलों से की गई है। जिसमें गुड़गांव, फरीदाबाद के बाद हिसार, रोहतक और अंबाला जिलाें में इसे लागू किया जाएगा। तीसरे चरण में पूरे प्रदेश में इसे लागू किया जाएगा।
वीटीएस का यह मिलेगा फायदा
बसों में वीटीएस सिस्टम लागू हो जाने के बाद रोडवेज के आला अधिकारी अपने कार्यालय से ही बसों की लोकेशन को ट्रेस कर पाएंगे। यह सिस्टम ड्राइवर-कंडक्टर की लापरवाही पर भी लगाम लगा सकेगा। सिस्टम के जरिये बसों का नंबर, उनकी करंट पोजीशन, स्पीड और रुकने के स्थान की भी संपूर्ण जानकारी मिल जाएगी। यही नहीं रिकॉर्डिंग के द्वारा बाद में किसी भी समय जरूरत पड़ने पर पुराने रिकॉर्ड को भी जांचा जा सकता है।
अपने मोबाइल से जान सकेंगे लोकेशन
रोडवेज से मिली जानकारी के अनुसार वीटीएस के जरिये बसों की लोकेशन को विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध कराया जाएगा। जिससे कोई भी यात्री अपने मोबाइल पर गूगल पर विभाग की वेबसाइट सर्च कर बस का नंबर इंटर कर बस की लोकेशन जा सकेगा।
बस अड्डे पर स्क्रीन बताएंगी बस की स्पीड
सभी बसों में वीटीएस लगने के बाद सभी प्रमुख बस अड्डों पर बड़े एलईडी पैनल लगाए जाएंगे। जिन पर डिपो से संबंधित सभी बसों की लोकेशन लाइव देखी जा सकेगी। यात्री भी बसों की लोकेशन देखकर स्थिति खुद की जान सकेंगे।
निजी कंपनी लगाएगी वीटीएस
प्रदेश की रोडवेज बसों में व्हीकल ट्रेकिंग सिस्टम (वीटीएस) लगाने के लिए विभाग की ओर से निजी कंपनी केपीआईडी टेक्नोलॉजी लिमिटेड को काम सौंपा गया है। यह कंपनी 15 अगस्त तक यह सिस्टम लगाएगी। सितंबर माह में हिसार में यह सिस्टम लगाने की संभावना है।
वर्जन ::
वीटीएस सिस्टम लगवाने को लेकर सरकार के साथ फैसला हो गया है। निजी कंपनी को टेंडर भी दिए जा चुके हैं। अगस्त माह के पहले सप्ताह में काम शुरू हो जाएगा। पायलेट प्रोजेक्ट कामयाब होने के बाद छह महीने बाद सभी बसों में इसे लगवा देंगे।
- एसके रूहिल, ज्वाइंट ट्रांसपोर्ट कंट्रोलर (टेक्निकल)