एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन तोशाम की रेप पीड़िता किशोरी की तबीयत अचानक बिगड़ गई। छह नवंबर को स्कूल में दुराचार की वारदात के बाद किशोरी काफी सदमे में है।
डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे रेफर करने की बात कही है। इसके लिए उसके परिजनों ने सीएम को पत्र लिखकर गुहार लगाई है।
पीड़िता की मां ने पत्र में आरोप लगाया कि तोशाम के एक गांव के स्कूल में छह नवंबर को एक अध्यापक ने उसकी बेटी के साथ दुराचार किया था।
इस मामले में आरोपी सरेआम घूम रहा है, जबकि उसकी बेटी गहरे सदमे में है। उसकी आवाज बंद हो चुकी है और उसे दौरे पड़ रहे हैं।
वहीं, उसने भिवानी पुलिस पर भी केस कमजोर करने के आरोप लगाए हैं। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने इस मामले में सोमवार को एसपी भिवानी को दिल्ली तलब किया था और जांच में लापरवाही के चलते कड़ी फटकार भी लगाई थी।
ह्यूमन राइट लॉ नेटवर्क की टीम के साथ उपचाराधीन पीड़ित दलित किशोरी से मिलने पहुंचे एडवोकेट रजत कल्सन ने कहा कि पीड़िता की तबीयत सचमुच खराब थी, इस वजह से उससे मुलाकात नहीं हो पाई। वे प्रदेश में दलित महिलाओं को इंसाफ दिलाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर करेंगे।