निरंकारी भवन रोड पर सड़कों पर घूमते कुत्ते।
हिसार। शहर के स्लाटर हाउस में होगा आवारा कुत्तों का टीकाकरण व बधियाकरण किया जाएगा। नगर निगम ने एजेंसी को स्लाॅटर हाउस किराये पर दे दिया है। इसकी एवज में निगम एजेंसी से प्रतिमाह 40 हजार रुपये किराया वसूलेगा। हालांकि एजेंसी को अभी काम शुरू करने से पहले पशु कल्याण बोर्ड से अनुमति लेनी होगी।
बोर्ड भी अनुमति देने से उस भवन का निरीक्षण करेगा, जहां उसे यह कार्य करना है। कार्य शुरू करने से पहले एजेंसी को इस भवन में ऑपरेशन थिएटर, एक रसोई घर और कुत्तों का रखने की व्यवस्था करनी होगी। बता दें कि निगम ने एजेंसी के साथ पिछले साल नवंबर में समझौता किया था और उसे वर्क ऑर्डर जारी किया था। 60 दिन में एजेंसी को भवन फाइनल कर टीकाकरण का काम शुरू करना था। मगर भवन फाइनल करने में ही 4 माह का समय लग गया।
ऋषि नगर पर निगम का स्लाॅटर हाउस है। हालांकि स्लाटर हाउस को तैयार करने का मकसद था कि शहर में खुले में पशुओं की स्लाॅटरिंग न की जाए, बल्कि यह कार्य स्लाॅटर हाउस में ही किया जाए। इससे मृत पशुओं के बचे हुए अंगों को इधर-उधर फेंकने के बजाय उनका वैज्ञानिक तरीके से निपटान किया जा सके। इस कार्य के लिए स्लाटर हाउस पर लाखों रुपये भी खर्च किए गए। मगर आज तक यह स्लाॅटर हाउस शुरू नहीं किया गया, जिस कारण इसका भवन खाली पड़ा था।
एजेंसी नगर निगम प्रशासन से एक कुत्ते के टीकाकरण व बधियाकरण करने के 1400 रुपये लेगी। टेंडर की शर्तों के अनुसार एजेंसी जिस इलाके से कुत्तों को पकड़कर ले जाएगी, टीकाकरण व बधियाकरण के बाद उसी क्षेत्र में वापस छोड़ना होगा। टेंडर के मुताबिक एजेंसी को 6 माह में 5 हजार कुत्तों के टीकाकरण व बधियाकरण का काम करना होगा।