जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह आधा दर्जन से अधिक मरीजों को मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए ऑपरेशन थिएटर बुलाया गया। ऑपरेशन से पहले मरीजों की आंखों में दवाइयां भी डाली गई। इसके बाद उनको इंतजार करने के लिए कहा गया। नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. सरगम ऑपरेशन करने के लिए थिएटर पहुंची। अंदर जाने के बाद चिकित्सक को पता चला कि ऑपरेशन करने वाले ब्लेड नहीं है। 12 बजे तक मरीज ऑपरेशन का इंतजार करते रहे। इसके बाद मरीजों और उनके तीमारदारों को बताया गया कि सामान न होने की वजह से ऑपरेशन नहीं हो सकते। इस पर उन्होंने हंगामा शुरू कर दिया।
पहले आया था तब चिकित्सक नहीं थी
सदलपुर गांव निवासी दलीप ने बताया कि आंखों में मोतियाबिंद की शिकायत है। नागरिक अस्पताल में चिकित्सक को दिखाया तो ऑपरेशन की तारीख दी थी। आठ दिसंबर को ऑपरेशन करवाने के लिए आया तो पता चला कि ऑपरेशन करने वाली चिकित्सक छुट्टी पर है। मंगलवार को दोबारा से अस्पताल बुलाया गया। ऑपरेशन करवाने के लिए अस्पताल पहुंचे तो पता चला कि सामान न होने के कारण ऑपरेशन नहीं होगा। जब सामान नहीं है तो ऑपरेशन के लिए मरीजों को क्यों बुलाया जाता है।
स्टाफ को सामान की जानकारी नहीं, आंखों में दवा डाल छोड़ा
सूर्य नगर के रहने वाले बीरंत ने बताया कि नागरिक अस्पताल के कुछ समय पहले नेत्ररोग विशेषज्ञ को दिखाया। चिकित्सक ने जांच के बाद मंगलवार को ऑपरेशन के लिए बुलाया था। सुबह ऑपरेशन करवाने के लिए अस्पताल पहुंचे गए। ऑपरेशन करने से पहले आंखों में दवाई भी डाली गई थी। कुछ समय बाद बोले सामान न होने के कारण ऑपरेशन नहीं होगा। बाद में नई तारीख देने को कहा।
आंखों के ऑपरेशन के दौरान जिस सामान की जरूरत होती है अगर वह नहीं है तो जल्द उसकी व्यवस्था कर दी जाएगी। मरीजों को कोई परेशानी नहीं आने दी जाएगी। -
डॉ. रत्ना भारती, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार