जनवरी की बारिश से 1995 हेक्टेयर में फसलों को 50 प्रतिशत तक नुकसान
गेहूं व सरसों की फसल को सबसे अधिक नुकसान
माई सिटी रिपोर्टर
हिसार। जनवरी माह की बारिश किसानों को फायदे के साथ नुकसान भी दे गई है। जिले में करीब 1995 हेक्टेयर में फसलों को 50 प्रतिशत तक नुकसान हुआ है। इसमें सबसे अधिक नुकसान हिसार प्रथम खंड में गेहूं की फसल में हुआ।
जनवरी माह में दो से नौ जनवरी के बीच 41 से 50 एमएम के बीच बारिश हुई। इसमें अलग-अलग खंड में अलग अलग बारिश रिकॉर्ड की गई थी। जिस कारण कुछ एरिया में जलभराव भी हुआ। इससे सरसों व गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग के उप निदेशक ने इस बारे में रिपोर्ट मांगी। जिला स्तर से भेजी गई रिपोर्ट के अनुसार जिले में 1995 हेक्टेयर भूमि में फसलों को नुकसान हुआ। करीब 150 हेक्टेयर में 25 से 50 प्रतिशत तक का नुकसान हुआ। खेतों में जलभराव होने के कारण यह नुकसान हुआ। जिले के अग्रोहा, आदमपुर, उकलाना, नारनौंद, हिसार द्वितीय खंड में फसल को कोई नुकसान नहीं हुआ। सबसे अधिक खराबा हिसार प्रथम खंड में रहा। इसमें गेहूं की फसल पर अधिक असर रहा।
हांसी, बास और हिसार प्रथम में जमीन में सेम का कुछ हिस्सा है। जहां थोड़ी सी बारिश के बाद ही पानी भर जाता है। कृषि विकास अधिकारियों व कृषि पर्यवेक्षक के जरिये एक रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें 1890 हेक्टेयर में 25 प्रतिशत तक का नुकसान है। 105 हेक्टेयर में 50 प्रतिशत नुकसान का प्राथमिक आकलन है।
- डॉ. वीएस फोगाट, उप निदेशक, कृषि विभाग
इस समय फसल बढ़वार की स्टेज है। जिसमें अधिक नुकसान नहीं होता। अगर पानी लंबे समय तक भरा रहे तो फसल गल सकती है। गेहूं व सरसों की फसल प्रभावित हुई है। अगर मौसम अच्छा रहा तो नुकसान की भरपाई भी हो सकती है। - डॉ. प्रवीण मंडल, कृषि विशेषज्ञ
कहां कितना नुकसान
खंड फसल 0 से 25 प्रतिशत नुकसान 25 से 50 नुकसान
हांसी गेहूं 100 00
हांसी सरसों 250 50
बास गेहूं 100 0
बास सरसों 395 55
हिसार प्रथम गेहूं 1015 00
बरवाला गेहूं 30 00