हिसार। जिले में लगातार जलसंकट गहराता जा रहा है। जल आपूर्ति की अनियमितता और कम दबाव की वजह से सेक्टरों में रहने वाले लोग अब खुद ही पानी की व्यवस्था करने को मजबूर हो गए हैं। कुछ लोगों ने घरों में निजी सबमर्सिबल पंप लगवाने शुरू कर दिए हैं। हालांकि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने भी जलघर में बोरवेल की खोदाई शुरू करा दी है। अधिकारियों का कहना है कि अगर आने वाले दिनों में जल संकट और गहराता है तो सबमर्सिबल होने के कारण कुछ राहत मिल सके।
वहीं, जलघर के वाटर टैंक में पानी न होने पर अधिकारियों ने अब टैंकों की सफाई का काम शुरू करवा दिया है। उधर, रविवार को भी जलघरों को भरने का काम जारी रहा। तोशाम रोड जलघर को 8 पंपसेट व कैमरी रोड जलघर को 4 पंपसेट की मदद से भरा जा रहा है। बालसमंद नहर में पानी का स्तर कम होने पर मिट्टी से भरे कट्टे लगाकर कुछ देर पानी रोककर जलघर के टैंकों को भरा जा रहा है। वहीं, आजाद नगर जलघर के लिए भी 4 पंपसेट लगाए थे, लेकिन रविवार को नहर में पानी का स्तर कम होने पर 2 पंपसेट हटा लिए गए।
बता दें कि नहरों में पानी कम आने के कारण जलघरों को पूरा नहीं भरा जा पा रहा है। इस कारण से संबंधित विभाग लोगों को पूरा पानी नहीं दे पा रहे हैं और उन्हें पेयजल आपूर्ति में कटौती करनी पड़ रही है। 42 दिनों से यह कटौती चल रही है और अभी इससे राहत मिलने की कोई संभावना नहीं दिखाई दे रही है।
पीएलए में काफी संख्या में लगवाए जा रहे सबमर्सिबल
पेयजल संकट के मद्देनजर अब लोगों ने अपने स्तर पर ही इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। पीएलए आरडब्ल्यूए के प्रधान सतपाल ठाकुर के मुताबिक एरिया में करीब एक सप्ताह से पानी नहीं आ रहा है। पानी के टैंकर वालों ने मनमाने दाम बढ़ा दिए हैं। विभाग का कोई टैंकर नहीं आ रहा है। ऐसे में लोगों ने समस्या के समाधान के लिए घरों में ही सबमर्सिबल पंप लगवाने शुरू कर दिए हैं। करीब 15 से 20 घरों में अभी हाल ही में सबमर्सिबल लगे हैं।
नहर में कट्टे लगाकर रोका जा रहा पानी
नहर में पानी का स्तर कम होने के कारण पंपसेट पानी का उठान नहीं कर पा रहे हैं। तोशाम रोड पर जलघर को भरने के लिए नहर में कट्टे लगाकर पानी को रोका जा रहा है ताकि पंपसेट की मदद पानी का उठान कर जलघर को भरा जा सके। विभाग ने नहर पर 8 पंपसेट लगा रखे हैं। रविवार को भी जलघर भरने का काम जारी रहा। अभी भी जलघर के वाटर टैंक में 4 फीट ही पानी भरा है। इसके अलावा जलघर में नए बोरवेल खोदे जा रहे हैं। वहीं, खाली हुए एक वाटर टैंक की सफाई करवाई जा रही है। जलघर से वाटर टैंकरों के माध्यम से भी सेक्टरों में पेयजल आपूर्ति की जा रही है। इस कार्य के लिए 7-8 टैंकर लगाए गए हैं। प्रतिदिन औसतन 50 टैंकर सप्लाई कर रहे हैं। एक टैंकर से दो घरों में पानी सप्लाई किया जा रहा है।
कैमरी रोड जलघर में 12 दिन का पानी उपलब्ध
कैमरी रोड जलघर को भरने के लिए 4 पंपसेट लगाए हैं। फिलहाल जलघर के वाटर टैंक में 8 फीट तक पानी भरा है। कर्मचारियों की मानें तो इस पानी से 12 दिन तक पेयजल आपूर्ति की जा सकती है। वहीं पटेल नगर में अब सुबह-शाम दोनों समय पेयजल आपूर्ति देनी शुरू कर दी है। इससे पहले पेयजल संकट के मद्देनजर एक समय की आपूर्ति बंद कर दी गई थी।
आजाद नगर जलघर में 5 फीट तक पानी भरा
आजाद नगर जलघर में दो वाटर टैंक हैं, जिनमें 5-5 फीट तक पानी भरा हुआ है। इस पानी से 8 से 9 दिन तक पेयजल आपूर्ति की जा सकती है। रविवार को नहर में पानी का स्तर कम होने के कारण पंपसेट से पानी भरने का काम रोकना पड़ा। जब काफी प्रयास के बाद भी पंपसेट से पानी का उठान नहीं हुआ तो कर्मचारियों ने नहर से पंपसेट हटा लिए। इससे पहले डेढ़ दिन तक पंपसेट से जलघर में पानी भरा गया।
जब तक नहर में पानी चलेगा, तब तक जलघर भरने का काम जारी रहेगा। जलघर में तीन व सभी बूस्टिंग स्टेशन पर एक-एक ट्यूबवेल लगवाया जा रहा है ताकि पेयजल संकट होने पर इस पानी को नहरी पानी के साथ मिलाकर सप्लाई दी जा सके। सेक्टरों में टैंकरों के माध्यम से सप्लाई दी जा रही है। अब डिमांड ज्यादा आती है तो उसे पूरा करना संभव नहीं होता। - भूपेंद्र सिंह, एक्सईएन, एचएसवीपी, हिसार।
सरसाना माइनर में ट्रीटमेंट प्लांट का गंदा पानी डाल : आर्य
हिसार। कांग्रेसी नेता एव पूर्व जिला पार्षद सूबे सिह आर्य ने बताया कि गंगवा गांव के नजदीक सरसाना माइनर के पास पंपसेट लगाया गया है। आरोप है कि पंप सेट की मदद से ट्रीटमेंट प्लांट का जहरीला पानी माइनर में डाला जा रहा है। यह जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। सरसाना माइनर से लगभग 20 गांव के जलघरों में पानी जाता है।
आर्य ने इस पंप सेट को तुरंत प्रभाव से हटाने की मांग की है। इसके लिए गांव टोकस, पातन, हिंदवान, रावलवास खुर्द, सीसवाल, भिवानी रोहिल्ला, सरसाना, बासड़ा, गोरछी, पनिहार, गावड़़, चोधरीवास, भेरियां, रावलवास कलां, मुकलान, देवा के ग्रामीण उपायुक्त से भी मिले थे। वहीं, नलवा हलके के विधायक रणधीर पनिहार व कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा को भी मामले से अवगत करवाया था। ग्रामीणों ने मांग उठाई कि सरकार व प्रशासन तुंरत इसका ध्यान दे, वरना इन सभी गांवों के लोग आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे और जन प्रतिनिधियों का बहिष्कार करेंगे।