हिसार। राजगढ़ नाके के पास बालसमंद नहर से मंगलवार शाम मिले महिला के शव को लेकर बुधवार सुबह करीब 11 बजे से अपराह्न 2 बजे तक जमकर हंगामा हुआ। दरअसल यहां अलग-अलग जगह से दो पक्ष पहुंचे और दोनों पक्षों ने शव उनके परिवार की महिला का बताया। करीब तीन घंटे तक स्वास्थ्य विभाग या पुलिस प्रशासन से कोई बड़ा अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा तो आजाद नगर थाने से एएसआई संदीप और एक महिला पुलिसकर्मी ने चिकित्सकों की मदद से मामला सुलझवाया। शव की पहचान के लिए दोनों पक्षों को पुलिस एक साथ पोस्टमार्टम हाउस ले गई और यहां शव की पहचान करवाई। इस दौरान यह शव हिसार के सेक्टर 9-11 निवासी 42 वर्षीय रजनी का निकला।
इस तरह हुई पहचान
मृतका के शरीर पर गहनों और उसके पेट पर ऑपरेशन के निशान दिखाने के बाद शव की शनाख्त हुई। इस प्रक्रिया में तीन घंटे लग गए। इससे पहले दोनों पक्ष शव पर अपना अधिकार जता रहे थे। इसको लेकर कई बार तल्खी का माहौल भी बना। मृतका रजनी के पति रजनीश ने अपने मोबाइल में फोटो दिखाई, जिसमें रजनी ने वही गहने पहने थे, जो उसकी मौत के बाद शरीर पर मिले। उसके शरीर पर वही लाल रंग के कड़े और कानों के टाप्स थे, जो रजनीश ने मोबाइल की फोटो में दिखाए थे।
इसलिए उलझे थे दोनों पक्ष
दोनों पक्षों के पास मंगलवार को व्हाट्सएप पर मृतका की फोटो पहुंची तो दोनों पक्ष बुधवार सुबह नागरिक अस्पताल के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां दोनों पक्षों ने मृतका के गाल पर तिल, ठोड़ी पर कुछ बाल होना बताया। दोनों पक्षों द्वारा दिखाई गई फोटो भी मिल रही थी। ऐसे में दोनों पक्ष आपस में उलझे रहे। इनमें से एक पक्ष सेक्टर 9-11 से था तो दूसरा पक्ष बांडाहेड़ी से था। सेक्टर 9-11 से आए पक्ष से रजनीश ने यह शव उसकी 42 वर्षीय पत्नी रजनी का बताया तो बांडाहेड़ी से ओमप्रकाश ने यह शव उसकी 23 वर्षीय बेटी प्रियंका का बताया।
चार माह से लापता है प्रियंका
पोस्टमार्टम हाउस के बाहर मौजूद प्रियंका के मामा पीलीमंदोरी गांव निवासी सुरेश ने बताया कि अगस्त 2020 को उसकी भानजी प्रियंका ने महिला एवं बाल विकास विभाग में अचानक फोन कर कह दिया कि वह घर नहीं रहना चाहती। सुरेश ने बताया कि उस दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग से डिस्ट्रिक प्रोटेक्शन ऑफिसर एवं चाइल्ड मेरिज प्रोविजन ऑफिसर बबीता चौधरी ने बांडाहेड़ी स्थित प्रियंका के घर बालसमंद चौकी पुलिस भेजकर उसे अपने कार्यालय बुला लिया। सुरेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि उसके बाद जब प्रियंका के परिजन महिला एवं बाल विकास विभाग पहुंचे तो वहां उन्हें ये कहकर लौटा दिया गया कि प्रियंका को जहां जाना था, वह जा चुकी है। सुरेश ने बताया कि इसके कुछ दिन बाद प्रियंका घर लौट आई थी, लेकिन वह दोबारा लापता हो गई। उन्होंने बालसमंद चौकी में प्रियंका की गुमशुदगी की शिकायत दी।
रजनीश बोला, मानसिक रूप से बीमार थी रजनी
शव की पहचान के बाद मृतका रजनी के पति रजनीश ने पुलिस को बताया कि रजनी मानसिक रूप से बीमार थी। उसका हिसार के ही एक मनोरोग विशेषज्ञ के पास इलाज चल था। रजनीश ने बताया कि उसकी पत्नी रजनी मानसिक परेशानी के चलते अक्सर झगड़ा करती थी और कई बार आत्महत्या की कहकर घर से निकल जाती थी और करीब एक घंटे बाद वापस आ जाया करती थी। रजनीश ने बताया कि मंगलवार शाम करीब चार बजे भी रजनी घर से बिना कुछ कहे निकली थी, लेकिन वापस नहीं आई।
छोटी बेटी का था जन्मदिन, करती रही मां का इंतजार
रजनीश ने बताया कि वह एक बिजनेसमैन है। उसकी दो बेटियां हैं। बड़ी बेटी करीब 15 वर्ष की तो दूसरी करीब पांच वर्ष की है। छोटी बेटी गुड़िया का मंगलवार को जन्मदिन था। शाम को जन्मदिन मनाने की तैयारी थी, लेकिन रजनी घर नहीं लौटी।
प्रियंका के पिता बोले- डीजीपी से करेंगे न्याय की मांग
प्रियंका के पिता ओमप्रकाश ने कहा कि उनकी बेटी को लापता हुए चार माह बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस की ओर से अभी तक प्रियंका की बरामदगी नहीं की गई। उन्होंने पुलिस पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसकी बेटी से किसी प्रकार की अनहोनी न हो जाए, इसलिए वह जल्द डीजीपी से मुलाकात कर न्याय की मांग करेंगे
रजनीश को सौंप दिया रजनी का शव
शव की शिनाख्त के बाद पोस्टमार्टम करवाकर रजनीश पक्ष को सौंप दिया गया है। रजनीश ने बताया है कि रजनी मानसिक रूप से बीमार थी और उसकी दवा भी चल रही थी। उसने ऐसा क्यों किया, इस बारे में अभी कुछ कहा नहीं जा सकता।
- इंस्पेक्टर रोहताश, आजाद नगर थाना प्रभारी, हिसार।
नागरिक अस्पताल में मौजूद दूसरे पक्ष से प्रियंका के पिता ओमप्रकाश और मामा सुरेश।- फोटो : Hisar
नागरिक अस्पताल में मौजूद दोनों पक्ष शव पर अपना-अपना हक जताते हुए।- फोटो : Hisar