महिला से पर्स छीनने के दो आरोपियों को एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने शुक्रवार को अंडरगोन की सजा सुनाई। इस संबंध में आजाद नगर की आदर्श कॉलोनी निवासी महिला पूनम ने 24 मई 2018 को शहर थाना पुलिस को शिकायत दी थी। पुलिस ने इस मामले में बीड़ बबरान निवासी मोनू और तलवंडी राणा निवासी संदीप को गिरफ्तार किया था।
पुलिस को 24 मई 2018 को दी शिकायत में पूनम ने बताया था कि 23 मई रात करीब 8:20 बजे वह राजगुरु मार्केट से आ रही थी। जब वह नागौरी गेट चौक पर पहुंची तो पीछे से बाइक सवार दो युवक आए और उसके हाथ से पर्स छीनकर गुरुद्वारे की तरफ फरार हो गए। उसने शिकायत में बताया था कि उसके पर्स में 6000 रुपये नकद, सोने की बाली, आधार कार्ड, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, कैंटीन कार्ड, वोटर कार्ड था। इस संबंध में शुक्रवार को एडीजे डॉ. पंकज की अदालत ने आरोपियों को अंडरगोन की सजा का फैसला सुनाया।
यह होती है अंडरगोन की सजा
अंडरगोन की सजा का मतलब होता है कि जब तक अदालत की कार्रवाई चलती है तो उस दौरान आरोपी जेल में रहते हैं। अदालती कार्रवाई के दौरान जितने समय तक आरोपी जेल में रहते हैं, उनकी उसी सजा को आरोपियों की सजा मानती है, जिसे अंडरगोन की सजा कहते हैं।