हिसार। लगातार दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से प्रदेश में 26 फरवरी से 1 मार्च तक बारिश की गतिविधियां दर्ज की जाएंगी। इस दौरान कहीं-कहीं ओलावृष्टि की भी संभावना है। बारिश की इन गतिविधियों के कारण तापमान में भी गिरावट आएगी।
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 26 फरवरी की रात एक मध्यम श्रेणी का पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके असर से दक्षिणी पंजाब व उत्तरी राजस्थान पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनेगा। इसके प्रभाव से 26 व 27 फरवरी को प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश होगी। 28 फरवरी यह विक्षोभ आगे निकल जाएगा। इस विक्षोभ का असर पंजाब से सटे जिलों में ज्यादा होगा। इन जिलों में कहीं-कहीं ओलावृष्टि भी हो सकती है। मगर इसके पीछे एक नया विक्षोभ सक्रिय होगा। इससे 28 फरवरी व एक मार्च को भी बारिश की गतिविधियां होंगी।
वहीं भारतीय मौसम विभाग के अनुसार 26 फरवरी व एक मार्च को प्रदेश में एक-दो स्थानों पर और 27 व 28 फरवरी को कुछ जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश होगी। इसके अलावा कुछ स्थानों पर तेज गति की हवाएं चलने और ओलावृष्टि की भी संभावना है। भारतीय मौसम विभाग ने 26 फरवरी को कुछ स्थानाें पर गरज चमक के साथ बूंदाबांदी और 27 व 28 फरवरी को तेज हवाएं व कुछ जगहों पर ओलावृष्टि को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
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पश्चिमी विक्षोभ के असर से हुई बूंदाबांदी
उधर मंगलवार को कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के असर से अंबाला जिले में बूंदाबांदी हुई, जबकि कई जिलों में हल्के बादल छाए रहे। हालांकि रात तक यह विक्षोभ आगे निकल गया। उधर दिन के तापमान में 2 डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई। गुरुग्राम में दिन का तापमान 28.6 डिग्री दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे ज्यादा रहा। वहीं रात के तापमान में 3.0 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई। रोहतक व सोनीपत में न्यूनतम तापमान 9.4 डिग्री रहा, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।