हिसार। एयरपोर्ट चौक से बरवाला चुगी तक प्रस्तावित बरसाती नाले के निर्माण के एक और अड़चन पैदा हो गई है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) ने नाले के निर्माण के लिए एजेंसी को टेंडर अलॉट कर दिया तो अब मौके पर लगे वन विभाग के पेड़ बाधा बन गए हैं। एचएसवीपी ने इन पेड़ों को लेकर वन विभाग से एनओसी मांगी है। इन पेड़ों के हटने के बाद ही नाले का निर्माण कार्य शुरू हो सकेगा। इसके अलावा एचएसवीपी ने एयरपोर्ट चौक पर डिस्पोजल की डीएनआईटी मंजूरी के लिए मुख्यालय भेजी है।
बता दें कि एचएसवीपी की तरफ से सेक्टर 1-4 से बरवाला चुंगी तक बरसाती नाले का निर्माण किया जाना प्रस्तावित था, जिस पर करीब 13.50 करोड़ रुपये की लागत आनी थी। विभाग ने सेक्टर 1-4 से एयरपोर्ट चौक तक बरसाती नाले का निर्माण कर दिया। मगर एयरपोर्ट चौक से बरवाला चुंगी तक बरसाती नाले का निर्माण कार्य आज तक पूरा नहीं हो सका है।
अभी एचएसवीपी की तरफ से एनओसी को लेकर वन विभाग के पास फाइल भेजी गई है। अब वन विभाग मौके का निरीक्षण कर पेड़ों का मूल्यांकन करेगा और फिर इन पेड़ों की एवज में एचएसवीपी से निर्धारित राशि जमा करवाने को कहा जाएगा। इसके बाद एचएसवीपी उक्त राशि वन विभाग को जमा करवाएगा। यह राशि मिलने के बाद इन पेड़ों को काटा जाएगा। ऐसे में संभावना है कि इस पूरी प्रक्रिया में कम से कम एक माह का समय लग सकता है। जब तक इन पेड़ों को काटा नहीं जाएगा, तब तक काम शुरू नहीं होगा।
एक करोड़ की लागत से तैयार होगा डिस्पोजल
एचएसवीपी की तरफ से बरसाती नाले के साथ-साथ डिस्पोजल भी बनाया जाएगा। इस पर करीब एक करोड़ रुपये की लागत आएगी। डिस्पोजल को लेकर राजकीय पशुधन फार्म की तरफ से एयरपोर्ट चौक पर आधा एकड़ जमीन भी मिल चुकी है। डिस्पोजल के साथ स्टाफ क्वार्टर भी बनाया जाएगा, जिसकी चहारदीवारी भी की जाएगी इस पर करीब 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इन दोनों की डीएनआईटी तैयार की जा चुकी है। इनमें से डिस्पोजल के काम की डीएनआईटी पर मुख्यालय से मंजूरी लेनी होगी। इसकी मंजूरी के बाद टेंडर लगाने की लगाने की अनुमति मांगी जाएगी और वह अनुमति मिलने के बाद इस काम के लिए टेंडर लगाया जाएगा।
यूं जरूरी है डिस्पोजल बनाना
एयरपोर्ट चौक से बरवाला चुंगी तक बनने वाले बरसाती नाले में सेक्टर 1-4, सेक्टर 3-5 व सेक्टर 21 में बने बरसाती नालों का कनेक्शन किया जाएगा। एयरपोर्ट चुंगी पर प्रस्तावित डिस्पोजल की मदद से इन एरिया का बरसाती पानी लिफ्ट करके एयरपोर्ट चौक से बनने वाले नाले में डाला जाएगा, जहां से यह पानी बरवाला चुंगी स्थित बरसाती डिस्पोजल तक पहुंचेगा।
वर्ष 2013 से चल रही है नाले के निर्माण की प्रक्रिया
यह नाला नेशनल हाईवे के साथ-साथ बनाया जाना है। इसके लिए वर्ष जून 2013 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचआई) में अनुमति मांगी, जो जुलाई 2019 में मिली। जिस जमीन पर यह नाला बनाया जाना है, वह जमीन राजकीय पशुधन फार्म की थी। वर्ष 2020 की शुरुआत में एचएसवीपी को 0.50 एकड़ जमीन मिली। इसी बीच इसकी डीएनआईटी भी मंजूर हो गई। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद सिर्फ टेंडर लगाना ही बाकी थी। मगर तब तक एस्टीमेट की पांच साल की तय समय सीमा पूरी हो गई तो दोबारा से एस्टीमेट मंजूरी के लिए फाइल मुख्यालय भेजी गई। एक साल से ज्यादा समय तक एस्टीमेट को मंजूरी नहीं मिली। वर्ष 2021 के आखिर में एस्टीमेट को दोबारा मंजूरी मिली।
बरसाती नाले के निर्माण को लेकर एजेंसी को टेंडर अलॉट कर दिया है, मगर निर्माण स्थल की जगह पर पेड़ खड़े हैं। इसके लिए वन विभाग से एनओसी मांगी गई है। - भूपेंद्र सिंह, एक्सईएन, बीएंडआर