हिसार। लगातार चार दिन से घना कोहरा छाया हुआ है। शाम ढलने से लेकर सुबह 9 बजे तक दृश्यता 10 मीटर से 100 मीटर रहती है। ऐसे में वाहनों की गति धीमी हो गई है। कोहरे में वाहन चालकों की मदद करने वाली सफेद पट्टी सड़कों से गायब हो चुकी हैं। ऐसे में सफर सुरक्षित नहीं है।
इसके अलावा रोडवेज बस समेत अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टर नहीं हैं, जिस कारण कोहरे में हादसा होने का डर रहता है। इसके बावजूद प्रशासन बेपरवाह बना है।
आने वाले दिनों में कोहरा और धुंध का असर और बढ़ेगा, लेकिन सुरक्षित सफर के कोई इंतजाम नहीं हैं। सड़कों पर सफेद पट्टी नहीं दिखती, शहर में स्ट्रीट लाइटें बंद रहती है। यहां तक कि नेशनल हाईवे की सर्विस रोड पर भी सफेद पट्टी नहीं लगाई गई है। सड़कों के बीच बने कटों पर कोई व्यवस्था नहीं। सड़कों में खतरनाक गड्ढे भी हैं, लेकिन बीएंडआर और नगर निगम प्रशासन की इससे निपटने की कोई तैयारी नहीं है।
बता दें कि सड़कों के दाएं, बाएं व मध्य में सफेद पट्टी बनाई जाती है। यह सफेद पट्टी धुंध व कोहरे के समय वाहन चालकों के लिए बड़ी मददगार साबित होती है। बता दें कि वीरवार सुबह घने कोहरे के कारण माजरा प्याऊ गांव के पास जींद रोड पर रोडवेज बस और ट्रक की टक्कर हो गई थी। इस हादसे में 25 से ज्यादा लोग घायल हुए थे।
इन सड़कों पर अधिक खतरा : अमर उजाला संवाददाता ने शुक्रवार को शहर की मुख्य सड़कों का निरीक्षण किया। बीएंडआर की सड़कों की बात करें तो सेक्टर-15 के मोड़ से राजगढ़ रोड पर कहीं सफेद पट्टी पूरी तरह से गायब है या काफी हल्की है। दिल्ली रोड पर बीच-बीच में सफेद पट्टी नहीं है।
पुरानी सब्जी मंडी से पड़ाव चौक, कैंप चौक से बालसमंद नहर और मलिक चौक से साउथ बाईपास तक बनी सड़क पर भी सफेद पट्टी गायब है। नगर निगम की सड़कों की बात करें तो सेक्टर-15 की मुख्य सड़क पर सफेद पट्टी नहीं है। सेक्टर 16-17, पीएलए सहित कई अन्य सेक्टरों में सफेद पट्टी हल्की हो चुकी है। एचएसवीपी के सेक्टर 1-4 व 3-5 में भी सड़कों से सफेद पट्टी गायब है।