हिसार। आजाद नगर में प्रस्तावित अर्बन हेल्थ सेंटर के लिए 13 कनाल दो मरला सरकारी भूमि का स्वास्थ्य विभाग को मुफ्त हस्तांतरण फिलहाल अटक गया है। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की अधिसूचनाओं के अनुरूप आवश्यक दस्तावेज और जानकारी उपलब्ध नहीं होने के कारण प्रस्ताव लंबित हो गया है। स्वास्थ्य सेवा महानिदेशक ने उपायुक्त को पत्र भेजकर निर्धारित प्रपत्र और जरूरी दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा है ताकि प्रस्ताव दोबारा सरकार को भेजा जा सके।
पत्र के अनुसार हिसार के सिविल सर्जन ने 27 अक्तूबर 2025 को भूमि के मुफ्त हस्तांतरण का प्रस्ताव भेजा था। इसके आधार पर मामला 11 दिसंबर 2025 को सरकार को भेजा गया और मुख्यमंत्री ने 14 जनवरी 2026 को इसे मंजूरी प्रदान की। प्रस्ताव के तहत आजाद नगर, मौजा बीड़, तहसील एवं जिला हिसार स्थित 13 कनाल दो मरला भूमि (खसरा नंबर 1846/8 मिन (2-10), 9 मिन (4-19), 13 मिन (0-15) और 14 मिन (4-18)) स्वास्थ्य विभाग को हस्तांतरित की जानी थी।
हालांकि सरकार के यूओ नंबर 26328-आर-3-2026/660 दिनांक 25 मई 2026 के माध्यम से बताया गया कि प्रस्ताव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग की 19 जनवरी 2021 और 5 जुलाई 2021 की अधिसूचनाओं के अनुरूप नहीं है। उपायुक्त से आवश्यक दस्तावेज और निर्धारित प्रपत्र शीघ्र उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही सिविल सर्जन को उपायुक्त कार्यालय के साथ समन्वय करने के निर्देश दिए गए हैं।
26 अक्तूबर को मुख्यमंत्री ने की थी घोषणा
26 अक्तूबर 2025 को गांव पनिहार में आयोजित धन्यवाद रैली के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने आजाद नगर में अर्बन हेल्थ सेंटर बनाने की घोषणा की थी। नलवा विधायक रणधीर पनिहार की मांग पर यह घोषणा की गई थी। इसके बाद जिला प्रशासन ने अधिकारियों की समिति गठित की, जिसने आजाद नगर थाने के पास पटवार भवन के पीछे करीब 13 कनाल खाली भूमि का चयन कर अस्पताल निर्माण का प्रस्ताव भेजा।
किराये के भवन में चल रहा अर्बन हेल्थ सेंटर
वर्तमान में आजाद नगर का अर्बन हेल्थ सेंटर किराये के भवन में संचालित हो रहा है। यहां स्टाफ की कमी के साथ-साथ सुविधाओं के विस्तार के लिए पर्याप्त जगह भी नहीं है। वर्ष 2023 में क्षेत्र के लोगों ने दमकल विभाग के पास नगर निगम की भूमि पर अर्बन हेल्थ सेंटर बनाने की मांग को लेकर एक वर्ष से अधिक समय तक धरना दिया था। तब नगर निगम ने भूमि कम होने का हवाला देते हुए वैकल्पिक स्थान तलाशने की बात कही थी।