एक फरवरी को चीन से लौटे गांव चैनत निवासी एक प्रशिक्षु डॉक्टर की तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया। अस्पताल प्रशासन ने कोरोना वायरस की आशंका में आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया है, जहां उसे डॉक्टरों की निगरानी में रखा गया है। मरीज के सैंपल लेकर जांच के लिए दिल्ली की एनसीडीसी सेंट्रल लैब में भेजा जाएगा। सैंपलों की रिपोर्ट दो से तीन दिन में आएगी। प्रशिक्षु डॉक्टर पांच साल से चीन में रह रहा है और बीच-बीच में अपने गांव आता-जाता रहता है। इससे पहले प्रशिक्षु डॉक्टर 25 दिसंबर को चीन गया था।
रिपोर्ट के आने के बाद भी पता चल सकेगा कि मरीज कोरोना वायरस से ग्रस्त है या नहीं। बता दें कि कोरोना वायरस को लेकर स्वास्थ्य विभाग पहले ही अलर्ट हो चुका है। इसे लेकर विभाग की तरफ नागरिक अस्पताल में आइसोलेशन वार्ड भी बनाया गया है।
चैनत गांव निवासी मोहन (25) चीन के वेफांग मेडिकल विश्वविद्यालय से एमबीबीएस कर चुका है और इंटर्नशिप कर रहा है। सिविल अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में दाखिल मोहन ने बताया कि उसे बुखार महसूस हो रहा है, कभी-कभी गला भी दर्द करता है। कभी बुखार ठीक हो जाता है। मोहन के मुताबिक चीन में उससे बुखार के बारे पूछा गया था और मास्क इस्तेमाल करने के लिए दिए गए थे। दिल्ली एयरपोर्ट पर भी उसका चेकअप किया गया था।
परिजनों की भी जांच की
उधर, डॉक्टरों ने मरीज के परिजनों की भी जांच की। हालांकि अभी तक परिजनों में किसी तरह के लक्षण नहीं मिले हैं। मगर फिर भी उन्हें मरीज से दूर रहने की सलाह दी गई। साथ ही स्वास्थ्य कर्मचारियों को भी एहतियात बरते के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा आइसोलेशन वार्ड के आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखने को कहा गया है।
ये सावधानी बरतें
- संक्रमण से संभावित व्यक्ति को अलग रखें।
- रोगी के साथ हाथ न मिलाएं।
- रोगी को यात्रा न करने दें।
- हाथों को दिन में कई बार साबुन व गुनगुने पानी से धोएं।
कोरोना वायरस को लेकर किया जागरूक
उधर स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोरोना वायरस से बचाव को लेकर शहरवासियों को जागरूक किया गया। इस दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी नूर मोहम्मद व नरेश कुमार ने कबीर चौक, डोगरान मोहल्ला, रामपुरा मोहल्ला आदि क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया और लोगों को इस वायरस से बचने के उपाय बताए।
फिजिशियन की निगरानी में ईएनटी विशेषज्ञ द्वारा मरीज के गले के अंदरूनी हिस्से से स्वैब का सैंपल लिया गया है। मरीज का सैंपल दिल्ली की एनसीडीसी सेंट्रल लैब एक में भेजा जाएगा, जहां से दो से तीन दिन में रिपोर्ट आएगी। रिपोर्ट आने के बाद पता चल पाएगा कि मरीज कोरोना वायरस से ग्रस्त है या नहीं। रिपोर्ट आने तक उसे सामान्य बुखार की दवा दी जाएगी।
- डॉ. जया गोयल, नोडल अधिकारी, रैपिड एक्शन कमेटी