शहर में हुई हल्की बारिश से 9 दिन बाद जहरीले धुएं से राहत मिली। इससे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 410 से गिरकर 252 पर पहुंच गया। साथ ही दिन के तापमान में भी 6.2 डिग्री की गिरावट आई। मौसम विशेषज्ञ की मानें तो अगर अभी भी पराली जलाई जाती है और दिवाली पर ज्यादा आतिशबाजी की जाती है तो यह जहरीला धुआं फिर से वातावरण में घुल जाएगा। इस दौरान लोगों से अपील है कि दिवाली पर प्रतिबंधित पटाखे चलाकर पर्यावरण को प्रदूषित न करें।
बता दें कि 1 नवंबर को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक 400 का आंकड़ा पार कर गया था। इसके साथ ही शहर की हवा में प्रदूषण की स्थिति गंभीर श्रेणी में पहुंच गई थी। लगातार 9 दिनों तक वातावरण में यह जहरीला धुआं छाया रहा और शहरवासी इस हवा में सांस लेते रहे। जिला प्रशासन भी इस जहरीले धुएं से राहत नहीं दिला सका। आखिर में प्रकृति ने ही इस समस्या का समाधान किया।
रात को ही गरजे बादल
शहर में वीरवार रात को ही पश्चिमी विक्षोभ का असर दिखना शुरू हो गया था। रात करीब 2 बजे ही तेज हवाओं के साथ बूंदबांदी हुई। हालांकि सुबह एक बार मौसम साफ हो गया। मगर दोपहर होते-होते फिर से बादल छाए गए और फिर हल्की बारिश शुरू हो गई। इसके बाद रात तक बादल छाए रहे। इस दौरान 3.0 एमएम बारिश दर्ज की गई, जबकि अधिकतम तापमान 23.8 व न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस रहा।