हिसार। भगवान भोलेनाथ की आराधना के पावन पर्व सावन के पति शिवभक्तों में खूब उत्साह है। शहर के शिवालयों में विशेष सजावट की गई है और भगवान शिव के मनोहारी शृंगार के साथ पूजा-अर्चना और अभिषेक की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आज सावन के पहले सोमवार पर मंदिरों में हर-हर महादेव के जयघोष की गूंज रहेगी।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सावन सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जाता है। श्रद्धालु व्रत रखकर भगवान शिव का जलाभिषेक और पूजन कर सुख-समृद्धि की कामना करेंगे।
पंडित राकेश ने बताया कि मान्यता है कि सावन सोमवार को विधि-विधान से पूजा करने और सच्चे मन से व्रत रखने पर भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं को सुबह स्नान के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण कर पूजा का संकल्प लेना चाहिए। इसके बाद शिवलिंग का जल और गंगाजल से अभिषेक कर दूध, चावल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद पुष्प, अक्षत और फल अर्पित करने चाहिए। पूजा के दौरान शिव चालीसा, महामृत्युंजय मंत्र और शिव मंत्रों का जाप शुभ माना जाता है।
हरे रंग का विशेष महत्व :
पंडित राकेश ने बताया कि सावन के पहले सोमवार पर हरे रंग का विशेष महत्व होता है। हरा रंग हरियाली, समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन हरे वस्त्र पहनकर भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा करने से परिवार में सुख-शांति और खुशहाली का आशीर्वाद मिलता है। महिलाएं हरी चूड़ियां और हरे वस्त्र धारण करती हैं जबकि पुरुष भी हरे या हल्के रंग के परिधान पहनकर पूजा में शामिल होते हैं।