हिसार। किसान आंदोलन स्थगित होने से दिल्ली जाने वाला टीकरी बार्डर खुल चुका है। अब यात्रियों का जहां 36 किलोमीटर का सफर और समय बचेगा, वहीं रोडवेज को करीब 10 लीटर डीजल की बचत होगी। अब दिल्ली जाने वाली बसें बहादुरगढ़ से सीधी दिल्ली पहुंचेगी।
उधर, टोल खुलने से टोल कंपनियां टोल टैक्स के रेट बढ़ाने की तैयारी में है। ऐसे में रोडवेज का किराया भी बढ़ने की संभावना बनी है, लेकिन अभी तक रोडवेज अधिकारियों के पास रोडवेज का किराया बढ़ाने की अधिकारिक सूचना नहीं है।
टीकरी बॉर्डर बंद होने से दिल्ली जाने वाली बसें बहादुरगढ़ से कट लगाकर आसपास के गांव से होते हुए 18 किलोमीटर अलग से चलकर दिल्ली पहुंचती थी। अप-डाउन करने पर 36 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ती थी। करीब एक साल परेशानी झेलने के बाद अब यात्रियों और चालक-परिचालकों को छुटकारा मिल गया है। हिसार डिपो की 11 बसें प्रतिदिन हिसार से दिल्ली के लिए रवाना होती हैं। वहीं सिरसा, फतेहाबाद सहित अन्य डिपो की करीब 15 बसें हिसार होते हुए दिल्ली जाती हैं। टीकरी बॉर्डर का रास्ता खुलने पर हिसार डिपो को प्रतिदिन एक साइड का 55 लीटर तेल की बचत हुई है। रोडवेज अधिकारियों का कहना है कि प्रतिदिन करीब 2 हजार सवारियां हिसार से दिल्ली के लिए आवागमन करती हैं।
टीकरी बॉर्डर का रास्ता खुलने से राहत मिली है। रास्ता बंद होने से हमारी बसें करीब 18 किलोमीटर अतिरिक्त रास्ता तय करके दिल्ली बस स्टैंड तक पहुंचती थी। इससे अतिरिक्त तेल की भी खपत होती थी। सवारियों सहित हमारे चालक व परिचालक भी परेशान होते थे। अब रास्ता खुलने से एक तो अप-डाउन के 36 किलोमीटर की बचत होगी व तेल भी खपत भी बचेगी। - अनिल चौपड़ा, यातायात प्रबंधक, रोडवेज
अभी तक किराया बढ़ाने की हमारे पास कोई अधिकारिक सूचना नहीं है। सूचना आने के बाद ही कुछ बता पाएंगे की कितने किलोमीटर के अनुसार कितना किराया बढ़ाया जाएगा। - सुरेंद्र कुमार, संस्थान प्रबंधक, रोडवेज हिसार